कमीशनखोरी का गृहयुद्ध, अवैध वसूली में हिस्सेदारी के झगड़े: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा के संगठनात्मक बदलाव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अजय जामवाल और पवन साय की विदाई को भाजपा के भीतर कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर चल रहे विवाद का नतीजा बताया। कांग्रेस ने सरकार पर कथित वसूली, रेत, आबकारी और जल संसाधन से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Oct 6, 2026 - 11:24
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कमीशनखोरी का गृहयुद्ध, अवैध वसूली में हिस्सेदारी के झगड़े: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा के संगठनात्मक बदलाव को लेकर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की अचानक हुई विदाई को भाजपा के भीतर चल रहे कथित “भ्रष्टाचार के गृहयुद्ध” का परिणाम बताया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह सामान्य संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि अवैध वसूली और कथित कमीशन के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद का नतीजा है।

सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सुशासन और जीरो टॉलरेंस की बात तो की जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला है। उन्होंने दावा किया कि संगठन के शीर्ष स्तर पर हुए बदलाव इस बात का संकेत हैं कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस ने इन बदलावों को सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कथित 1500 करोड़ रुपये की वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग, करीब 1000 करोड़ रुपये के सिकासेर-कोडार कैनाल घोटाले, अवैध रेत कारोबार में हिस्सेदारी तथा 3870 करोड़ रुपये के शराब ओवररेटिंग से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन कथित मामलों से होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर भाजपा के भीतर संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इन सभी आरोपों का उल्लेख कांग्रेस के राजनीतिक बयान के रूप में किया गया है और इनके संबंध में स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष इस बयान में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

सत्यप्रकाश सिंह ने जल संसाधन, माइनिंग और आबकारी विभागों को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अनुसार इन विभागों को कथित तौर पर वसूली के केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल प्रदेश के हित में हो रहा है या किसी अन्य राजनीतिक-संगठनात्मक दबाव के तहत किया जा रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार से कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों तथा नेताओं की मिलीभगत से जुड़े आरोपों पर जवाब मांगते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर भरोसा है तो वह पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने के लिए तैयार होनी चाहिए। कांग्रेस ने विशेष रूप से सिटिंग जज के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराने का सवाल उठाया है।

सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने संगठनात्मक बदलाव को लेकर भी भाजपा से स्पष्ट जवाब देने की मांग की और कहा कि केवल पदों में बदलाव करने से भ्रष्टाचार के आरोप खत्म नहीं होंगे। कांग्रेस ने सरकार से कथित घोटालों, अवैध वसूली और अधिकारियों-नेताओं की संभावित मिलीभगत की जांच कराकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की है।