57वीं GST काउंसिल बैठक के फैसलों पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को सौंपा आभार ज्ञापन

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने 57वीं GST काउंसिल बैठक में व्यापारियों और MSME के हित में लिए गए निर्णयों को लेकर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को आभार ज्ञापन सौंपा। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने GST प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अभियोजन की सीमा बढ़ाने, नोटिस और जुर्माने की प्रक्रिया में सुधार तथा माल परिवहन को सुगम बनाने के प्रयासों की सराहना की। चेम्बर ने उम्मीद जताई कि इन सुधारों से कारोबारियों को राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

Oct 12, 2026 - 17:52
Oct 12, 2026 - 17:53
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57वीं GST काउंसिल बैठक के फैसलों पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी को सौंपा आभार ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर । छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने 57वीं GST काउंसिल की बैठक में व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) और व्यावसायिक समुदाय के हित में लिए गए निर्णयों को लेकर वित्त, वाणिज्यिक कर (GST), आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी को आभार ज्ञापन सौंपा। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर GST व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।

चेम्बर की ओर से बताया गया कि 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 57वीं GST काउंसिल की बैठक में व्यापारिक समुदाय की समस्याओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। ज्ञापन में GST 2.0 सुधारों को कारोबारियों के लिए राहतकारी बताते हुए कहा गया कि जटिल प्रक्रियाओं, अनुपालन संबंधी कठिनाइयों और व्यावहारिक समस्याओं को दूर करना जरूरी है। इससे कारोबार करने की प्रक्रिया आसान होगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूती मिलेगी।

GST नियमों में प्रस्तावित सुधारों का स्वागत

चेम्बर ने GST अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों में बदलाव, अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने तथा मानवीय और तकनीकी त्रुटियों के मामलों में ईमानदार करदाताओं को संरक्षण देने जैसे प्रस्तावित सुधारों को महत्वपूर्ण बताया। इसके अलावा सामान्य जुर्माने को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने, 10 हजार रुपये से कम के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करने और औपचारिक नोटिस से पहले सूचना देने संबंधी प्रावधानों को छोटे व्यापारियों और फुटकर कारोबारियों के लिए उपयोगी बताया गया।

माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सुधारों पर भी चेम्बर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, अंतरराज्यीय मार्गों पर मालवाहक वाहनों को बार-बार रोकने के बजाय उद्गम और गंतव्य पर जांच की व्यवस्था तथा ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के पूर्व अनुमोदन से संबंधित प्रावधान माल की निर्बाध आवाजाही में मददगार हो सकते हैं। इससे परिवहन समय घटाने और आपूर्ति शृंखला की दक्षता बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

उद्योगों की कार्यशील पूंजी को मिल सकती है मजबूती

चेम्बर ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत इनपुट सर्विसेज पर रिफंड तथा प्लांट और मशीनरी से संबंधित मासिक रिफंड जैसे प्रावधानों को भी उद्योगों के लिए उपयोगी बताया। चेम्बर के मुताबिक, ऐसे उपायों से वित्तीय तरलता में सुधार और उद्योगों के विस्तार को प्रोत्साहन मिल सकता है।

चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि व्यापारियों और MSME वर्ग के हितों को प्रभावी ढंग से सामने रखने में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने कहा कि GST व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने वाले कदम व्यापारिक समुदाय के लिए स्वागतयोग्य हैं। छत्तीसगढ़ का व्यापार और उद्योग जगत प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर चेम्बर कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, वाइस चेयरमैन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी और जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष दिलीप इसरानी, जितेंद्र शादीजा और मनीष प्रजापति, मंत्री भरत पमनानी एवं पिंकी लालवानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। चेम्बर ने विश्वास जताया कि शासन और व्यापारिक समुदाय के सहयोग से छत्तीसगढ़ में व्यापार तथा औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।