BLA के HMDF विंग का ग्वादर में हमले का दावा, पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के 13 जवानों की मौत की खबर

बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के जिवानी में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की दो नावों पर हमले का दावा किया गया है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में इसकी जिम्मेदारी लेते हुए 13 जवानों के मारे जाने की बात कही है। संगठन के मुताबिक, हमले को उसकी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने अंजाम दिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पाकिस्तान की ओर से घटना और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Oct 12, 2026 - 13:55
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BLA के HMDF विंग का ग्वादर में हमले का दावा, पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के 13 जवानों की मौत की खबर

UNITED NEWS OF ASIA. बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की दो नावों पर हमले की खबर सामने आई है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि इसमें पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के 13 जवान मारे गए। संगठन के मुताबिक, यह हमला ग्वादर के तटीय क्षेत्र जिवानी में किया गया और इसे उसकी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) ने अंजाम दिया। हालांकि, घटना में हताहतों की संख्या और हमले से जुड़ी जानकारी की पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

BLA ने बयान जारी कर ली जिम्मेदारी

BLA ने 11 अक्टूबर 2026 को जारी एक बयान में हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलोच के मुताबिक, यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई थी। संगठन ने दावा किया कि हमले में पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड के 13 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल ये आंकड़े संगठन के दावे पर आधारित हैं। स्वतंत्र पुष्टि के अभाव में इन्हें आधिकारिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

क्या है HMDF?

BLA के प्रवक्ता के अनुसार, संगठन ने 13 अप्रैल 2026 को अपनी समुद्री इकाई हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स (HMDF) का गठन किया था। बयान में यह भी दावा किया गया कि इस इकाई ने इससे पहले 12 अप्रैल को मील तियाब इलाके में अपना पहला समुद्री ऑपरेशन किया था, जिसमें पाकिस्तानी नौसेना की एक पेट्रोल बोट को निशाना बनाया गया था। संगठन ने अपनी समुद्री गतिविधियों को बलूचिस्तान के तटीय क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा बताया है।

बलूचिस्तान के समुद्री क्षेत्र को लेकर संगठन का दावा

BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने कहा कि संगठन की समुद्री इकाई का उद्देश्य बलूचिस्तान के समुद्री क्षेत्र, तटरेखा और संसाधनों की रक्षा करना है। संगठन ने इस हमले को अपने कथित आजादी आंदोलन का दायरा बढ़ाने की कोशिश से जोड़कर पेश किया है। हालांकि, ये बयान संगठन के अपने दावे और उसके राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं। हमले की परिस्थितियों और उसके वास्तविक उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का इंतजार

ग्वादर जिले के जिवानी में कथित हमले के बाद पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, घटना और हताहतों को लेकर पाकिस्तान की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया था। ऐसे में हमले की वास्तविक स्थिति, नुकसान और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।

बलूचिस्तान लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और अलगाववादी गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। इस घटना के बाद क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, फिलहाल मामले से जुड़ी जानकारियों को BLA के दावों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। आधिकारिक बयान और स्वतंत्र पुष्टि सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।