बैगा आदिवासियों पर आबकारी विभाग के उत्पीड़न का आरोप, बैगा समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कबीरधाम में बैगा समाज ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कथित अवैध वसूली, मारपीट और फर्जी शराब प्रकरणों में निर्दोष आदिवासियों को फंसाने के आरोप लगाए हैं। कार्यकारी जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल, मुख्य सचिव और आबकारी विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के निलंबन, कथित अवैध वसूली की रकम वापस दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर जिला और प्रदेश स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Oct 16, 2026 - 16:25
 0  3
बैगा आदिवासियों पर आबकारी विभाग के उत्पीड़न का आरोप, बैगा समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में विशेष रूप से संरक्षित बैगा जनजाति के लोगों के साथ कथित उत्पीड़न, अवैध वसूली और फर्जी शराब प्रकरण दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बैगा समाज ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज का कहना है कि निर्दोष और गरीब आदिवासियों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और झूठे मामलों में फंसाने की शिकायत पहले भी शासन स्तर पर की गई थी, लेकिन अब तक अपेक्षित जांच और कार्रवाई नहीं हुई है।

इसी मुद्दे को लेकर बैगा समाज, कबीरधाम के कार्यकारी जिलाध्यक्ष कामू बैगा के नेतृत्व में पीड़ितों और समाज के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राज्यपाल, मुख्य सचिव और आबकारी विभाग के नाम दिया गया है। समाज ने आबकारी विभाग के उपनिरीक्षक रायजादा और उपनिरीक्षक गीता के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

कामू बैगा के अनुसार, 10 जून 2026 को ग्राम छेरकीकछार क्षेत्र में समरथ बैगा के घर आबकारी विभाग की टीम पहुंची थी। आरोप है कि घर से मिली महुआ शराब की वास्तविक मात्रा से अधिक मात्रा सरकारी कागजात में दर्ज की गई। साथ ही, पीड़ित के साथ मारपीट करने, पैसों की मांग करने और कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान लेने का आरोप भी लगाया गया है। समाज का कहना है कि इस घटना के बाद परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।

ज्ञापन में लखन बैगा का मामला भी उठाया गया है। समाज के मुताबिक, बेटी की शादी के लिए पारंपरिक शराब बनाने के मामले में कथित तौर पर 40 हजार रुपये की वसूली की गई, इसके बावजूद उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया। समाज का दावा है कि लखन बैगा पिछले आठ महीनों से जेल में बंद हैं। इसके अलावा शहरू बैगा से 10 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली, परसादी बैगा के मामले में शराब की मात्रा बढ़ाकर दर्ज करने और सौखीराम बैगा से जमीन गिरवी रखवाकर 25 हजार रुपये लेने जैसे आरोप भी ज्ञापन में शामिल हैं।

बैगा समाज ने मांग की है कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जेल में बंद पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएं और कथित अवैध वसूली की राशि वापस दिलाई जाए। समाज ने जांच निष्पक्ष रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने तथा आरोप प्रमाणित होने पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग भी की है।

कामू बैगा ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो बैगा समाज जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन करेगा और कानूनी लड़ाई भी लड़ेगा। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।