बालको की स्वास्थ्य पहल को सम्मान, कोरबा की चुहिया पंचायत में एक साल से टीबी का कोई मामला नहीं

वेदांता समूह की भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को टीबी जागरूकता, मरीजों की देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कोरबा में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में चुहिया ग्राम पंचायत को पिछले एक वर्ष में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने पर सम्मान प्रदान किया गया। बालको की प्रोजेक्ट आरोग्य पहल के माध्यम से 27 हजार लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई है, जबकि निक्षय मित्र पहल के तहत लगभग 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता और उपचार के दौरान सहयोग दिया गया।

Oct 15, 2026 - 18:43
 0  3
बालको की स्वास्थ्य पहल को सम्मान, कोरबा की चुहिया पंचायत में एक साल से टीबी का कोई मामला नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता l छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में टीबी यानी क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों की देखभाल में योगदान देने के लिए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टीबी जागरूकता एवं सम्मान समारोह में कंपनी को यह सम्मान प्रदान किया गया। इसी अवसर पर चुहिया ग्राम पंचायत को भी पिछले एक वर्ष के दौरान टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने पर सम्मानित किया गया।

चुहिया ग्राम पंचायत को इस उपलब्धि के लिए महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सम्मान कोरबा नगर निगम की महापौर संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति रही। यह पहल सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के महत्व को रेखांकित करती है।

बालको कोरबा जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच के लिए लोगों को प्रेरित करने और उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए काम कर रहा है। कंपनी की स्वास्थ्य पहल प्रोजेक्ट आरोग्य के अंतर्गत जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 27 हजार लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और उपचार के बारे में जानकारी देना तथा बीमारी से जुड़े भ्रम और झिझक को दूर करना है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। उद्योग जगत भी आर्थिक विकास के साथ समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। कंपनी स्वास्थ्य संबंधी पहलों और सहयोग के माध्यम से टीबी उन्मूलन के प्रयासों में सहभागी बनी हुई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने भी टीबी की रोकथाम और मरीजों की देखभाल में बालको के सहयोग की सराहना की। उन्होंने जागरूकता, समय पर जांच और उपचार के दौरान सहायता को टीबी उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण बताया। चुहिया ग्राम पंचायत में एक वर्ष तक कोई नया मामला सामने नहीं आने को उन्होंने सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।

कंपनी ने भारत सरकार की निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत लगभग 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग प्रदान किया है। एक लाभार्थी ने बताया कि टीबी की पुष्टि होने के बाद मिले पोषण सहयोग से उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उसके अनुसार, उसका वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया और बाद की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। उसने अब गांव में लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए प्रेरित करना शुरू किया है।

बालको की इन पहलों में पोषण सहायता के साथ मरीजों से नियमित संपर्क, परामर्श और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय भी शामिल है। इन प्रयासों का उद्देश्य मरीजों को उपचार जारी रखने में मदद देना और जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराना है। चुहिया ग्राम पंचायत को मिला सम्मान सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक भागीदारी के महत्व को सामने लाता है।