धमतरी के नगरी में जहरीला कंद खाने से तीन महिलाएं बीमार, अस्पताल में भर्ती; डॉक्टर ने बताया खतरे से बाहर

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत नवागांव सांकरा की तीन महिलाएं जंगल से लाए गए जहरीले कंद को करु कांदा समझकर खाने से बीमार हो गईं। नवरात्रि के दौरान जंगल में कंद निकालने गई महिलाओं ने बेचांदी कांदा उबालकर खा लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय में भर्ती कराया। डॉक्टर प्रवीण शांडिल्य के अनुसार, समय पर उपचार मिलने से तीनों महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद ग्रामीणों से जंगली कंद की सही पहचान किए बिना सेवन नहीं करने की अपील की गई है।

Oct 15, 2026 - 19:14
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धमतरी के नगरी में जहरीला कंद खाने से तीन महिलाएं बीमार, अस्पताल में भर्ती; डॉक्टर ने बताया खतरे से बाहर

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में जंगली कंद खाने से तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। ग्राम नवागांव सांकरा निवासी इन महिलाओं ने करु कांदा समझकर बेचांदी कांदा खा लिया, जिसके बाद उन्हें उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं। परिजनों ने तत्काल तीनों को नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से तीनों महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं।

जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के दौरान गांव की कुछ महिलाएं जंगल में कंद निकालने गई थीं। इसी दौरान उन्हें एक ऐसा जंगली कंद मिला, जो देखने में करु कांदा जैसा प्रतीत हो रहा था। कंद की सही पहचान नहीं होने के कारण महिलाएं उसे करु कांदा समझ बैठीं। घर लौटने के बाद उन्होंने बेचांदी कांदा को उबालकर खा लिया। सेवन करने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति को देखते हुए परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

बीमार महिलाओं की पहचान बसंती, उम्र 42 वर्ष, पति खिलावन पुजारी, भुनेश्वरी यादव, उम्र 36 वर्ष, पति कुंजलाल यादव और पुष्पा यादव, उम्र 36 वर्ष, पति कुंजल यादव, निवासी ग्राम नवागांव सांकरा के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिहावा क्षेत्र के सर्व यादव समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश यादव और युवा सक्रिय सदस्यों हुमन लाल यादव, वीरेंद्र यादव तथा मनीष यादव सहित अन्य लोग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से चर्चा की।

डॉक्टर प्रवीण शांडिल्य ने बताया कि तीनों महिलाओं को समय रहते अस्पताल लाया गया, जिसके कारण उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जा सका। फिलहाल तीनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

घटना के बाद ग्रामीणों को जंगली कंद की पहचान को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जंगल में मिलने वाले कई कंद देखने में एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन उनकी प्रकृति और खाने योग्य होने में अंतर हो सकता है। ऐसे में केवल बाहरी बनावट के आधार पर किसी जंगली कंद को खाने योग्य मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि जिस कंद की पहचान स्पष्ट न हो, उसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। किसी संदिग्ध जंगली कंद को खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सही जानकारी बेहद जरूरी है।

नगरी क्षेत्र की यह घटना जंगल से मिलने वाले खाद्य पदार्थों की सही पहचान के महत्व को रेखांकित करती है। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से तीनों महिलाओं की स्थिति फिलहाल स्थिर है। वहीं, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे करु कांदा और अन्य जंगली कंदों की पहचान सुनिश्चित किए बिना उनका सेवन न करें।