अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल आंकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार करें: कलेक्टर

बेमेतरा जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को लेकर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल आंकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। प्रभावित किसान 10 अक्टूबर तक पटवारी, राजस्व निरीक्षक या तहसील कार्यालय में फसल क्षति की जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने मकान, पशु और जनहानि का सर्वे करने के साथ स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली व्यवस्था बहाल करने के भी निर्देश दिए हैं।

Sep 29, 2026 - 16:22
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अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल आंकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार करें: कलेक्टर

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति को लेकर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का तत्काल आंकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार करने के सख्त निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उनके खेतों का सर्वे जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान मुआवजा प्राप्त करने से वंचित न रहे।

10 अक्टूबर तक दे सकते हैं फसल क्षति की जानकारी

प्रशासन की ओर से प्रभावित किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल क्षति की जानकारी संबंधित हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक या तहसील कार्यालय में उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए 10 अक्टूबर तक जानकारी देने की बात कही गई है।

कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमला प्रभावित गांवों में पहुंचकर फसल क्षति का सर्वे करेगा। सर्वे के आधार पर नुकसान का आंकलन करते हुए नियमानुसार मुआवजा प्रकरण तैयार किए जाएंगे।

मकान और पशु क्षति का भी होगा सर्वे

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में केवल फसलों को हुए नुकसान का ही आंकलन नहीं किया जाएगा, बल्कि मकान क्षति, पशु हानि और जनहानि से जुड़े मामलों का भी तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रभावित गांवों का संयुक्त रूप से दौरा कर स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और नुकसान का वास्तविक आंकलन करने पर है।

स्वास्थ्य सेवाओं और पेयजल पर विशेष जोर

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित गांवों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की जांच करने के साथ मलेरिया, डेंगू और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां नल-जल योजना बाधित हुई है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुंचाने को कहा गया है। इसके अलावा पानी में क्लोरीन की गोली और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश

बाढ़ के कारण जिन गांवों में विद्युत पोल गिर गए हैं या बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, वहां विद्युत विभाग को प्राथमिकता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने पर जोर दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य हो सके।

प्रशासन की ओर से राहत कार्यों के साथ फसल, मकान, पशु और अन्य क्षति का आंकलन करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।