01 अक्टूबर को रायपुर में BMS की प्रदेश स्तरीय महारैली-धरना, 59 सूत्रीय मांगों पर होगा प्रदर्शन

भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से श्रमिकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर 1 अक्टूबर 2026 को रायपुर के तूता क्षेत्र में प्रदेश स्तरीय महारैली, धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। BMS के अनुसार प्रदेशभर से बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। संगठन ने वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, नियमितीकरण, स्वास्थ्य सुविधा और सेवा सुरक्षा सहित 59 सूत्रीय मांगें सामने रखी हैं। 1 अक्टूबर के कार्यक्रम की पुष्टि हालिया रिपोर्टों में भी हुई है।

Sep 29, 2026 - 14:16
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01 अक्टूबर को रायपुर में BMS की प्रदेश स्तरीय महारैली-धरना, 59 सूत्रीय मांगों पर होगा प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय मजदूर संघ (BMS) छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा श्रमिकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर 1 अक्टूबर 2026 को रायपुर के तूता क्षेत्र में प्रदेश स्तरीय महारैली, धरना एवं प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। संगठन की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम में प्रदेशभर से श्रमिक, कर्मचारी, विभिन्न महासंघों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। 1 अक्टूबर के तूता धरना-प्रदर्शन को लेकर विभिन्न संबद्ध संगठनों की तैयारियों की जानकारी भी सामने आई है।

 महारैली की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत क्षेत्र प्रभारी राधेश्याम जायसवाल द्वारा किया जाएगा। अखिल भारतीय सदस्य एवं सह-प्रभारी दिनेश पांडे महारैली को संबोधित करेंगे, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री शंखध्वनि सिंह बन्नाफर द्वारा किया जाएगा।

BMS के अनुसार प्रदेश स्तरीय इस कार्यक्रम में 20 महासंघों और 33 जिला प्रभारियों के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्य, संबद्ध संगठनों के पदाधिकारी तथा प्रदेशभर के कार्यकर्ता एवं सदस्य शामिल होंगे। संगठन ने 25 हजार से अधिक श्रमिकों एवं कार्यकर्ताओं की भागीदारी की संभावना जताई है। वहीं, मई 2026 में हुई प्रदेश कार्यसमिति बैठक के बाद 1 अक्टूबर को रायपुर में बड़े आंदोलन की घोषणा की गई थी।

59 सूत्रीय मांगों पर प्रदर्शन

भारतीय मजदूर संघ की ओर से श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़ी 59 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। इनमें न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये करने, समान कार्य-समान वेतन, ESI की सीमा बढ़ाने, EPF सीमा में वृद्धि, बोनस सीमा बढ़ाने तथा EPS पेंशन में बढ़ोतरी जैसी मांगें शामिल हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग भी प्रमुख है। आशा, मितानिन एवं संबंधित कर्मियों के लिए वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, EPF, ESI और पेंशन की मांग संगठन ने रखी है।

मध्यान्ह भोजन रसोइयों के संबंध में घोषित 50 प्रतिशत मानदेय वृद्धि लागू करने, 12 माह का मानदेय, EPF, पेंशन, दुर्घटना मुआवजा और लंबित मानदेय के भुगतान की मांग शामिल है। हालिया रिपोर्टों में भी रसोइया संगठनों की ओर से 1 अक्टूबर के तूता प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

राज्य एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए लंबित महंगाई भत्ता/महंगाई राहत, चतुर्थ समयमान वेतनमान, पेंशन, नियमितीकरण, पुरानी पेंशन, सातवें वेतनमान के एरियर और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी मांगें रखी गई हैं।

बिजली एवं कोल कर्मचारियों से संबंधित मांगों में पुरानी पेंशन योजना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, कोल इंडिया में 12वें वेतन समझौते के लिए JBCCI का गठन तथा ठेका मजदूरों के लिए समान कार्य-समान वेतन शामिल है। बिजली कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 1 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले सरकार स्तर पर बैठकें भी हुई हैं।

इसके अलावा औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, निर्माण श्रमिकों, परिवहन मजदूरों और ट्रेड यूनियनों से जुड़े मुद्दे भी मांगों में शामिल हैं। BMS का कहना है कि 1 अक्टूबर को श्रमिक और कर्मचारी इन मांगों को लेकर रायपुर में एकजुट होकर शासन के समक्ष अपनी बात रखेंगे।