तेलीबांधा चौक नामकरण पर अरुण साव ने दी सफाई, बोले- न नाम बदला है, न कोई प्रस्ताव
रायपुर के तेलीबांधा चौक के कथित नामकरण को लेकर चल रही चर्चाओं पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक साहू समाज के मान-सम्मान और पहचान से जुड़ा स्थान है। तेलीबांधा तालाब के दोनों ओर स्थित किसी भी चौक का नाम बदलने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही नाम बदला गया है। उन्होंने “सेवा ज्योति संकल्प चौक” के प्रस्तावित स्थान को नेशनल हाईवे रिंग रोड के समीप स्थित भूमि का हिस्सा बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के चर्चित तेलीबांधा चौक के नामकरण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है। सरगुजा दौरे पर गए अरुण साव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर तेलीबांधा चौक के नाम बदलने को लेकर सामने आ रहे दावों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा चौक साहू समाज के मान-सम्मान और पहचान से जुड़ा हुआ स्थान है तथा इसके नामकरण को लेकर फैलाई जा रही बातें अविश्वसनीय और निराधार हैं।
अरुण साव के मुताबिक, तेलीबांधा चौक के नामकरण को लेकर रायपुर नगर निगम और महापौर मीनल चौबे की ओर से स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा तालाब के दोनों ओर स्थित किसी भी चौक के नामकरण में कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही इस संबंध में कोई प्रस्ताव है। इस स्पष्टीकरण के बाद तेलीबांधा चौक के नाम को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने का प्रयास किया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में तेलीबांधा की ऐतिहासिक और सामाजिक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान साहू समाज के लिए केवल एक सामान्य चौक नहीं, बल्कि मान-सम्मान और पहचान से जुड़ा हुआ है। तेलीबांधा तालाब और उससे जुड़े स्थानों को समाज के पुरखों द्वारा बनाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन स्थानों के नाम को बदलने को लेकर किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।
वहीं, “सेवा ज्योति संकल्प चौक” के नाम से प्रस्तावित स्थान को लेकर भी अरुण साव ने स्थिति स्पष्ट की। उनके अनुसार, यह प्रस्ताव तेलीबांधा तालाब के दोनों ओर स्थित किसी पुराने चौक के नाम बदलने से संबंधित नहीं है। उन्होंने बताया कि “सेवा ज्योति संकल्प चौक” के रूप में प्रस्तावित स्थान नेशनल हाईवे रिंग रोड के समीप स्थित एक भूमि के टुकड़े पर प्रस्तावित है। ऐसे में इसे तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन से जोड़ना सही नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर पहले भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की चर्चा के बीच साहू समाज से जुड़े लोगों ने भी अपनी आपत्ति और भावनाएं सामने रखी थीं। इसके बाद नगर निगम स्तर पर प्रस्तावित स्थान को लेकर स्पष्टीकरण दिया गया था। अब उप मुख्यमंत्री अरुण साव की ओर से भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मामले में सरकार का पक्ष सामने रखा गया है।
अरुण साव के बयान के बाद स्पष्ट किया गया है कि तेलीबांधा तालाब के दोनों ओर स्थित चौकों के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। साथ ही “सेवा ज्योति संकल्प चौक” के प्रस्तावित स्थान को अलग स्थान बताया गया है। ऐसे में तेलीबांधा चौक के नाम बदलने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान नाम में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।