पत्रकार दीर्घा पर जनप्रतिनिधियों का कब्जा, बोर्ड के बावजूद कुर्सियों पर बैठे जनप्रतिनिधि
बलरामपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रवास के दौरान आरागाही-ताम्बेश्वरनगर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार दीर्घा की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। पत्रकारों के लिए निर्धारित दीर्घा में जनप्रतिनिधियों के बैठने से कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम में जिले को 121 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक के 49 विकास कार्यों की सौगात दिए जाने की जानकारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रवास के दौरान आरागाही-ताम्बेश्वरनगर खेल मैदान में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में पत्रकारों के लिए की गई बैठने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कार्यक्रम स्थल पर बाकायदा “पत्रकार दीर्घा” का बोर्ड लगाया गया था, ताकि कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों के लिए बैठने की निर्धारित व्यवस्था की जा सके। हालांकि, आरोप है कि पत्रकार दीर्घा की कई कुर्सियों पर जनप्रतिनिधि बैठ गए, जिसके कारण पत्रकारों को अपनी जगह बनाने और कार्यक्रम की कवरेज करने में असुविधा का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के लिए निर्धारित स्थान पर जनप्रतिनिधियों के बैठने से मीडिया कर्मियों को समाचार संकलन, फोटो लेने और कार्यक्रम की गतिविधियों पर नजर रखने में परेशानी हुई। पत्रकारों का कहना है कि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में मीडिया के लिए अलग से निर्धारित दीर्घा बनाई जाती है, ताकि पत्रकार बिना व्यवधान के कार्यक्रम को कवर कर सकें। ऐसे में यदि पत्रकार दीर्घा की सीटों पर अन्य लोग बैठ जाते हैं, तो इसका सीधा असर कवरेज की सुविधा पर पड़ता है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम को विकास कार्यों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले को 121 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 49 विकास कार्यों की सौगात दी जानी है। इनमें 93 करोड़ 4 लाख रुपये के 41 कार्यों का लोकार्पण तथा 28 करोड़ 30 लाख रुपये के 8 कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम की मौजूदगी की भी जानकारी दी गई है।
ऐसे महत्वपूर्ण सरकारी आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और मीडिया कर्मियों की मौजूदगी रहती है। कार्यक्रम की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पत्रकारों के लिए निर्धारित स्थान पर पर्याप्त और व्यवस्थित बैठने की व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है। पत्रकारों के मुताबिक, दीर्घा में सीटों की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद यदि वहां अन्य लोग बैठते हैं तो मीडिया कर्मियों को खड़े होकर या दूर से कार्यक्रम कवर करना पड़ सकता है।
मीडिया कर्मियों का कहना है कि यदि किसी कार्यक्रम स्थल पर “पत्रकार दीर्घा” के नाम से स्थान निर्धारित किया गया है, तो उस स्थान को कवरेज के लिए आने वाले पत्रकारों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इससे न केवल पत्रकारों को सुविधा मिलेगी, बल्कि कार्यक्रम की कवरेज भी बेहतर तरीके से हो सकेगी।
फिलहाल पत्रकार दीर्घा की व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने सरकारी कार्यक्रमों में मीडिया प्रबंधन और समन्वय की व्यवस्था पर चर्चा शुरू कर दी है। पत्रकारों की मांग है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में निर्धारित मीडिया दीर्घा में केवल पत्रकारों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि समाचार संकलन में किसी तरह की परेशानी न हो और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की कवरेज व्यवस्थित तरीके से हो सके।