सेवा संकल्प अभियान के तहत छोटेडोंगर कॉलेज में रंगोली प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने दिया विकसित भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
नारायणपुर के नवीन शासकीय महाविद्यालय छोटेडोंगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047, जल-जंगल-जमीन, प्रकृति, समाज और राष्ट्र जैसे विषयों पर आकर्षक रंगोलियां बनाकर रचनात्मकता के साथ सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नवीन शासकीय महाविद्यालय छोटेडोंगर में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अलग-अलग सामाजिक एवं पर्यावरणीय विषयों को रंगों और आकर्षक डिजाइनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। आयोजन के दौरान महाविद्यालय परिसर में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047, जल-जंगल-जमीन, प्रकृति, समाज एवं राष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी रंगोलियों का आधार बनाया। विद्यार्थियों ने केवल रंगों का ही उपयोग नहीं किया, बल्कि फूलों की पंखुड़ियों, पत्तियों और अन्य प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्री का भी रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल किया। इन रंगोलियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा रिंकी प्रधान ने ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर रंगोली तैयार कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के प्रमोद कुमार नाग ने ‘प्रकृति—जल, जंगल, जमीन’ विषय पर रंगोली बनाकर द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं बीए तृतीय सेमेस्टर की ममता दुग्गा ने ‘प्रकृति, समाज एवं राष्ट्र’ विषय पर रंगोली प्रस्तुत कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंगोलियों में विषयों की समझ के साथ उनकी कल्पनाशीलता और प्रस्तुतीकरण कौशल भी दिखाई दिया।
रंगोली प्रतियोगिता का मूल्यांकन विषय की प्रासंगिकता, रचनात्मकता, मौलिकता, प्रस्तुतीकरण, संदेश की प्रभावशीलता तथा प्राकृतिक सामग्री के उपयोग जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने एक-दूसरे की प्रस्तुतियों को देखा और अपनी रचनात्मक सोच को नए तरीके से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना भी रहा।
महाविद्यालय के प्राचार्य बीडी चांडक, सहायक प्राध्यापक अविनाश कुमार सहारे एवं अतिथि व्याख्याताओं ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने में भी सहायक होती हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सकता है।