सरगबुंदिया में विशेष ग्राम सभा का बहिष्कार, पंचायत भवन के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन
कोरबा जिले के जनपद पंचायत करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा विवाद के चलते नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित किए जाने के आरोप लगाए। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
UNITED NEWS OF ASIA. जितेन्द्र दास, कोरबा l जनपद पंचायत करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा विवाद के कारण नहीं हो सकी। ग्राम सभा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन के बाहर एकत्र हो गए और सरपंच के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्राम सभा का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों ने पंचायत में लंबे समय से भ्रष्टाचार, अनियमितता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत से जुड़ी विभिन्न शिकायतों को लेकर हाल ही में जिला स्तरीय जांच दल भी गांव पहुंचा था। ऐसे में 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा शुरू होने से पहले ही विवाद की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम के आगे कथित रूप से “अ” जोड़कर उन्हें अपात्र घोषित किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीण सुनीता बंजारे ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के लिए ग्रामीणों को बुलाया गया था, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी बैठक शुरू नहीं हुई। वहीं वार्ड क्रमांक 6 की पंच शांति बाई ने कहा कि उनके वार्ड की समस्याओं को लेकर कई बार सरपंच को जानकारी दी गई, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने अपने वार्ड में स्वीकृत आवासों को अपात्र घोषित किए जाने का भी आरोप लगाया।
ग्रामीण गिरजा टंडन ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और उनका परिवार एक कमरे में रहने को मजबूर है। इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। वार्ड क्रमांक 1 की पंच हरिहर बाई खूंटे ने भी आरोप लगाया कि उनके परिवार में कोई शासकीय कर्मचारी नहीं होने के बावजूद गलत जानकारी दर्ज कर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
ग्रामीणों ने पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया। एक मितानिन ने कहा कि पिछले करीब सात वर्षों में केवल एक बार मितानिन दिवस पर सम्मान किया गया, इसके बाद मितानिनों का सम्मान नहीं हुआ।
स्थिति को देखते हुए उरगा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन पंचायत भवन के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बरपाली नायब तहसीलदार और जनपद पंचायत करतला के करारोपण अधिकारी उदय सिंह कंवर भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से चर्चा की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों ने पंचायत भवन परिसर छोटा होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए ग्राम सभा किसी खुले और बड़े स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए।
मीडिया टीम द्वारा सरपंच अश्वनी तंवर से पक्ष जानने पर उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल वे कोई बयान नहीं देंगे।
करारोपण अधिकारी उदय सिंह कंवर ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को ग्राम सभा स्थल परिवर्तन को लेकर प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन उस पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने ग्राम सभा के बहिष्कार की बात कही थी और पंचनामा तैयार करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन हस्ताक्षर नहीं हो सके। इसके चलते 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित नहीं हो पाई।
अब प्रशासनिक स्तर पर यह तय किया जाना बाकी है कि इसे ग्राम सभा का बहिष्कार माना जाएगा या स्थगन की स्थिति। फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आरोपों, ग्राम सभा की प्रक्रिया और पंचायत के कामकाज को लेकर ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।