174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र देने की मांग
अंबागढ़ चौकी में नगर पंचायत उपाध्यक्ष पवन गुप्ता और भाजपा पार्षद दल ने फ्लाईदुबई की उड़ान में संकट के दौरान 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की है। यह मांग उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए भारत सरकार से की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के बाद घायल अवस्था में भी मच्छार ने विमान को सुरक्षित रूप से ताबूक, सऊदी अरब में उतारने में भूमिका निभाई।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने की मांग उठी है। नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी के उपाध्यक्ष पवन गुप्ता और भाजपा पार्षद दल ने भारत सरकार से यह मांग की है। यह मांग कैप्टन मच्छार द्वारा संकट की स्थिति में दिखाई गई सूझबूझ, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के आधार पर की गई है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर सह-पायलट द्वारा हमला किए जाने की घटना सामने आई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने विमान को संभालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के ताबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे।
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की व्यापक स्तर पर सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की। 2 अक्टूबर को हुई बातचीत में मच्छार ने घटना के दौरान अपनी स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में बताया।
पवन गुप्ता ने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में कैप्टन मच्छार ने जिस तरह अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनके अनुसार ऐसे साहस और जिम्मेदारी का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान किया जाना चाहिए।
पवन गुप्ता ने भारत सरकार से मांग की कि कैप्टन मच्छार के पूरे घटनाक्रम और उनकी भूमिका का विधिवत मूल्यांकन किया जाए तथा उन्हें अशोक चक्र दिए जाने पर विचार किया जाए। अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
इस मांग के समर्थन में भाजपा पार्षद दल के ईश्वरी धुर्वे, काशी निषाद, सुरेश नेताम, किसुन पटेल, दिलीप कुंभकार, उषा यादव और कविता यादव तथा मनोनीत पार्षद अजहरुद्दीन, कुंजलता हरमुख और देव कुंभकार शामिल रहे।
पार्षदों ने कहा कि कैप्टन मच्छार ने संकट की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र सरकार से उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान करने की मांग की।
कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र देने की मांग अन्य स्तरों से भी सामने आई है। महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र दिए जाने पर विचार करने की मांग की है।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में अशोक चक्र दिए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए यह मांग के रूप में ही दर्ज है, जबकि कैप्टन मच्छार की वीरता और घटना की जांच से जुड़े आधिकारिक विवरण आगे और स्पष्ट हो सकते हैं।