ग्रीन पैराडाइज में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद, रहवासियों ने लगाए गंभीर आरोप
रायपुर के विशाल नगर स्थित ग्रीन पैराडाइज कॉलोनी में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर विवाद सामने आया है। रहवासियों का आरोप है कि प्रतिमा को कॉलोनी की गंदे पानी वाली टंकी में विसर्जित किया गया और विरोध के बाद प्रतिमा को खंडित कर कहीं और ले जाया गया। कॉलोनी के कुछ पदाधिकारियों और अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध ऑनलाइन खोज में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है, इसलिए मामले में संबंधित पक्षों और प्रशासन का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के विशाल नगर स्थित ग्रीन पैराडाइज कॉलोनी में गणेश प्रतिमा के विसर्जन को लेकर विवाद सामने आया है। कॉलोनी के कुछ रहवासियों ने आरोप लगाया है कि गणेश उत्सव के दौरान स्थापित प्रतिमा का विसर्जन कॉलोनी परिसर में मौजूद गंदे पानी की टंकी में किया गया। रहवासियों का कहना है कि टंकी में गंदगी और कचरा था तथा उसका पानी नाली की ओर बहता है। इस मामले को लेकर कॉलोनी में नाराजगी की स्थिति बताई जा रही है।
रहवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, गणेश प्रतिमा के विसर्जन से पहले कॉलोनी के सभी लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। जब कुछ लोगों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पूजा कमेटी के जिम्मेदार लोगों से सवाल किया। आरोप है कि बारिश का हवाला देते हुए टंकी में विसर्जन किए जाने की बात कही गई।
मामला सामने आने के बाद कुछ रहवासियों ने प्रतिमा के विसर्जन के तरीके पर आपत्ति जताई और जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण तथा धार्मिक रूप से उचित प्रक्रिया अपनाने की मांग की। रहवासियों का कहना है कि बारिश की स्थिति होने पर विसर्जन को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी।
इसके बाद विवाद और बढ़ गया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि प्रतिमा को वहां से हटाने के बाद उसे खंडित किया गया और उसके टुकड़ों को एक झोले में भरकर सुरक्षा गार्ड के माध्यम से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है। प्रतिमा के साथ वास्तव में क्या किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित पक्षों या प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
रहवासियों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूजा कमेटी के कुछ जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। आरोपों में अविनाश चौरसिया, सपना चौरसिया, धर्मेश शाह और पूजा कमेटी से जुड़ी पूनम उर्फ संजू साहू के नाम भी लिए गए हैं। इन लोगों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना आवश्यक है।
मामले को लेकर रहवासियों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय की जाए। कुछ लोगों ने धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मामले में सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण और प्रायश्चित की मांग भी की है।
गणेश उत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और पर्यावरणीय व्यवस्था का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, इस मामले में धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोप होने के कारण किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों का बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जरूरी होगी।
उपलब्ध ऑनलाइन खोज में ग्रीन पैराडाइज में गणेश प्रतिमा विसर्जन से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाली विश्वसनीय रिपोर्ट या आधिकारिक बयान नहीं मिला। इसलिए फिलहाल यह मामला रहवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों के रूप में ही सामने रखा जा रहा है। संबंधित पूजा कमेटी, कॉलोनी प्रबंधन और प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।