रूस के संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया आगे, शुरुआती गिनती में 57.54% वोट

रूस में 18 से 20 सितंबर तक हुए संसदीय चुनाव के शुरुआती नतीजों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी सबसे आगे है। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक 13.88% मतों की गिनती के बाद यूनाइटेड रशिया को 57.54% वोट मिले हैं। कम्युनिस्ट पार्टी और LDPR इसके बाद हैं। आधिकारिक अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

Sep 21, 2026 - 13:07
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रूस के संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया आगे, शुरुआती गिनती में 57.54% वोट

UNITED NEWS OF ASIA. मॉस्को। रूस में तीन दिनों तक चले संसदीय चुनाव के लिए मतदान 20 सितंबर को समाप्त हो गया। मतदान के बाद शुरू हुई मतगणना में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी शुरुआती आंकड़ों में सबसे आगे चल रही है। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक शुरुआती 13.88 प्रतिशत मतों की गिनती के बाद यूनाइटेड रशिया को 57.54 प्रतिशत वोट मिले हैं। हालांकि यह आंकड़ा प्रारंभिक है और अंतिम आधिकारिक परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं।

रूस में इस बार संसदीय चुनाव 18 से 20 सितंबर तक कराए गए। केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार मतदान समाप्त होने के समय अनुमानित मतदान प्रतिशत 56.66 रहा। चुनाव के जरिए 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा यानी संसद के निचले सदन की नई संरचना तय की जानी है। रूस की चुनाव प्रणाली में आधी सीटें एकल-सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों से और बाकी सीटें पार्टी सूची के आधार पर तय होती हैं।

शुरुआती मतगणना में यूनाइटेड रशिया के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ द रशियन फेडरेशन दूसरे स्थान पर है। उपलब्ध प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार कम्युनिस्ट पार्टी को 13.67 प्रतिशत और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रशिया यानी LDPR को 9.27 प्रतिशत वोट मिले हैं। इसके बाद न्यू पीपल्स पार्टी और ए जस्ट रशिया जैसे दलों के आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े मतगणना आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं।

चुनाव से पहले सामने आए एग्जिट पोल के अनुमानों में भी यूनाइटेड रशिया को अन्य दलों की तुलना में अधिक समर्थन मिलने का अनुमान लगाया गया था। VCIOM के एग्जिट पोल में यूनाइटेड रशिया को 49.4 प्रतिशत, कम्युनिस्ट पार्टी को 14.2 प्रतिशत, LDPR को 10.7 प्रतिशत और न्यू पीपल को 9.7 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान था। हालांकि एग्जिट पोल और शुरुआती आधिकारिक मतगणना के आंकड़ों में अंतर हो सकता है, इसलिए अंतिम परिणाम आने तक इन्हें अनुमान के तौर पर ही देखा जाता है।

यह चुनाव रूस में 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहला संसदीय चुनाव है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मतदान से पहले चुनाव में भागीदारी को देश की राजनीतिक एकजुटता और उनकी सरकार की नीतियों के समर्थन के संदर्भ में पेश किया था। रॉयटर्स के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में अधिकांश युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों के बाहर रहने के कारण राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का दायरा सीमित रहा।

चुनाव के दौरान रूस के अधिकारियों ने ऑनलाइन मतदान प्रणाली और संचार नेटवर्क पर साइबर हमलों की भी जानकारी दी थी। अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों के बावजूद मतदान प्रक्रिया जारी रही। वहीं, रूस के बाहर रह रहे कुछ रूसी नागरिकों ने मतदान को सरकार की नीतियों और यूक्रेन युद्ध के विरोध के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया।

इस चुनाव को लेकर यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में मतदान कराए जाने पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद रहा। रूस ने अपने नियंत्रण वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में मतदान कराया, जबकि यूक्रेन ने इन चुनावों को मान्यता नहीं देने की अपील की है। इस कारण चुनाव के परिणामों को लेकर राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है।

फिलहाल शुरुआती मतगणना में यूनाइटेड रशिया स्पष्ट बढ़त के साथ सबसे आगे है, लेकिन अंतिम सीटों और वोट प्रतिशत की स्थिति आधिकारिक मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। स्टेट ड्यूमा की अंतिम संरचना यह बताएगी कि विभिन्न दलों को कितनी सीटें मिलती हैं और रूस की अगली संसद में सत्ता पक्ष तथा अन्य दलों का प्रतिनिधित्व किस तरह रहेगा।