गोसेवा कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व प्राचार्य बाबूलाल चंद्रा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संस्था की ओर से किए जा रहे सामाजिक और सेवाभावी कार्यों की सराहना की। बाबूलाल चंद्रा ने कहा कि गोसेवा जैसे कार्यों में सहभागी बनना उनके लिए खुशी और संतोष का विषय है। उन्होंने संस्था के सदस्यों को इस सेवा गतिविधि के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में भी ऐसे कार्यों को जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान मारवाड़ी युवा मंच संस्कृति शाखा की अध्यक्ष दीप्ति गुप्ता ने संस्था की सामाजिक गतिविधियों और गोसेवा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि संस्था सामाजिक और मानवीय सरोकारों से जुड़े कार्यों में लगातार सक्रिय रहती है। शहर में फॉगिंग मशीन के संचालन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग देने के साथ ही गोवंश के लिए नियमित चारा उपलब्ध कराना और उनकी सेवा करना भी संस्था की गतिविधियों में शामिल है।
गोसेवा कार्यक्रम में महिला सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से गायों को हरी सब्जियां, चारा और गुड़ खिलाया। इस दौरान गोशाला परिसर में सेवा और सहयोग का माहौल देखने को मिला। संस्था से जुड़ी महिलाओं ने गोवंश की देखभाल और उनके लिए नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया।
संस्था के अनुसार, गोसेवा कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक दिन भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में पशु सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। कार्यक्रम में शामिल सदस्यों ने भविष्य में भी जरूरत के अनुसार गोशाला और गोवंश की सेवा से जुड़े कार्यों में सहयोग जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम में राखी गुप्ता, मधु गुप्ता, दीप्ति गुप्ता, पप्पल अग्रवाल, दीपिका अग्रवाल, अनु अग्रवाल, रेखा जैन, कोमल अग्रवाल, अंजू अग्रवाल, अनीता अग्रवाल और शालू गोयल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने गोसेवा कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
मारवाड़ी युवा मंच संस्कृति शाखा की इस पहल को सामाजिक सेवा से जोड़कर देखा जा रहा है। संस्था की ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य, पशु सेवा और अन्य सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी की जाती है। गोशाला में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला सदस्यों ने सेवा भावना के साथ गोवंश के लिए भोजन की व्यवस्था की और समाज में पशु संरक्षण एवं सेवा का संदेश दिया।