पीवी ऐप की बाध्यता से किसान परेशान, एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं होने का कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भुइयां ऐप को ब्लॉक कर पीवी यानी फसल भौतिक सत्यापन ऐप की बाध्यता लागू किए जाने से एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार पर बिना पर्याप्त तैयारी के नई व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पटवारियों और किसानों को परेशानी हो रही है तथा खरीफ फसलों की गिरदावली का काम भी प्रभावित हुआ है।

Oct 7, 2026 - 11:38
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पीवी ऐप की बाध्यता से किसान परेशान, एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं होने का कांग्रेस का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सीजन से पहले किसान पंजीयन की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि भुइयां ऐप को अचानक ब्लॉक कर पीवी यानी फसल भौतिक सत्यापन ऐप की बाध्यता लागू किए जाने से एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि नई व्यवस्था के कारण किसानों के साथ-साथ पटवारियों को भी व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ पारदर्शी और सुगम धान खरीदी की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर लगातार नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, भुइयां ऐप को ब्लॉक करने के बाद पीवी ऐप के माध्यम से फसल भौतिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इसके लिए पटवारियों को पर्याप्त दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण नहीं मिलने से व्यवस्था प्रभावित हुई है। कांग्रेस का दावा है कि खरीफ फसलों की गिरदावली का काम भी इस प्रक्रिया के चलते बीच में अटक गया है।

कांग्रेस ने संयुक्त खातेदारों के पंजीयन को लेकर भी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि संयुक्त खाते में सभी हिस्सेदारों का पंजीयन अनिवार्य किए जाने से कई परिवारों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस के अनुसार, यदि किसी संयुक्त खातेदार का सदस्य बाहर रहता है, बुजुर्ग है या किसी अन्य कारण से समय पर पंजीयन नहीं करा पाता, तो अन्य हिस्सेदारों की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने सरकार से इस व्यवस्था को किसानों के लिए सरल बनाने की मांग की है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बार-बार नियम बदलने का सबसे ज्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ रहा है। कांग्रेस के अनुसार, किसान खेती-किसानी के काम के बीच पंजीयन और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए मंडियों, तहसील कार्यालयों और अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुविधा देना होना चाहिए, लेकिन वर्तमान प्रक्रिया में किसानों को तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने सरकार से यह भी सवाल किया कि जब धान खरीदी की प्रक्रिया को लेकर नीतिगत निर्णय पहले से तय हैं, तो अचानक भुइयां ऐप को ब्लॉक कर नई व्यवस्था लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी। पार्टी ने गिरदावली के काम की स्थिति, किसानों के समय पर पंजीयन और निर्धारित समय पर धान खरीदी शुरू होने को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही संयुक्त खातेदारों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई गई है।

कांग्रेस ने सर्वर और ऐप से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को दूर करने तथा किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि किसानों को अनावश्यक प्रशासनिक अड़चनों से मुक्त रखते हुए उनकी फसल की खरीदी से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी होनी चाहिए। ये सभी आरोप और सवाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।