साइबर ठगों की शरणस्थली बना छत्तीसगढ़, सरकार केवल एडवाइजरी जारी कर रही: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि साइबर ठगी के मामलों में शिकायत के बावजूद बैंक और पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय नहीं होने से पीड़ितों की रकम समय पर होल्ड नहीं हो पा रही है। कांग्रेस ने प्रत्येक जिले में आधुनिक साइबर पुलिस व्यवस्था, पर्याप्त तकनीकी स्टाफ और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

Oct 7, 2026 - 11:43
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साइबर ठगों की शरणस्थली बना छत्तीसगढ़, सरकार केवल एडवाइजरी जारी कर रही: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम नागरिक, बुजुर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, महिलाएं तथा छोटे व्यापारी अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार साइबर अपराधों से निपटने के लिए केवल एडवाइजरी जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कई मामलों में बैंकों और पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय नहीं हो पाने के कारण पीड़ितों की रकम समय रहते होल्ड नहीं हो पाती। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और रकम की रिकवरी के लिए मजबूत साइबर रिकवरी मैकेनिज्म या समर्पित टास्क फोर्स की आवश्यकता है। उनके अनुसार, वरिष्ठ नागरिक और पेंशनभोगी अपनी प्रोविडेंट फंड तथा ग्रेच्युटी की रकम तक साइबर ठगों के हाथों गंवा रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि महिलाएं और युवा वर्क फ्रॉम होम तथा ऑनलाइन जॉब के नाम पर होने वाली ठगी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, गृहिणियां और छोटे व्यापारी साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं। कांग्रेस ने सरकार से साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ पीड़ितों को त्वरित राहत और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।

सुरेंद्र वर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान पुलिस का फोकस साइबर जागरूकता अभियानों के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में साइबर अपराधों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो रही है। कांग्रेस ने साइबर थानों और क्षेत्रीय साइबर सेल में अत्याधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कर्मचारियों और पर्याप्त मैनपावर उपलब्ध कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने में पुलिस और बैंकों के बीच रियल टाइम समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस का आरोप है कि शिकायत के बाद भी यदि पीड़ित की रकम समय पर फ्रीज नहीं होती, तो इससे साइबर ठगों को लाभ मिलता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि शिकायत दर्ज होने के बाद रकम को तत्काल सुरक्षित करने की व्यवस्था को और प्रभावी क्यों नहीं बनाया जा रहा है।

कांग्रेस ने राज्य सरकार से प्रत्येक जिले में आधुनिक और समर्पित साइबर पुलिस व्यवस्था विकसित करने, तकनीकी स्टाफ बढ़ाने, दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करने तथा पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए प्रभावी तंत्र तैयार करने की मांग की है। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के अनुसार सरकार की जिम्मेदारी केवल साइबर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपराधियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम भी उठाए जाने चाहिए।