रायपुर में नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला का सफल आयोजन, 12 राज्यों के 55 कोच हुए शामिल

रायपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन द्वारा चार दिवसीय ईस्ट एवं नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 12 राज्यों के करीब 55 कोचों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने प्रशिक्षकों को तीरंदाजी की तकनीक, आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति, खिलाड़ियों की शारीरिक एवं मानसिक तैयारी और पोषण से जुड़ी जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने भी प्रशिक्षकों को संबोधित किया।

Sep 27, 2026 - 12:14
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रायपुर में नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला का सफल आयोजन, 12 राज्यों के 55 कोच हुए शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन द्वारा रायपुर में ईस्ट एवं नॉर्थ ईस्ट ज़ोन लेवल-1 कोचिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। चार दिवसीय इस कार्यशाला में देश के 12 राज्यों से करीब 55 प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षकों को तीरंदाजी की आधुनिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ना और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा।

कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से दो से तीन प्रशिक्षकों ने भाग लिया, जबकि छत्तीसगढ़ से करीब 8 से 10 कोच इसमें शामिल हुए। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रशिक्षकों को तीरंदाजी की तकनीकी बारीकियों, प्रशिक्षण पद्धति, खिलाड़ियों की शारीरिक एवं मानसिक तैयारी और आधुनिक कोचिंग सिस्टम से संबंधित जानकारी दी गई।

कार्यशाला में कोलकाता स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के HOD और अंतरराष्ट्रीय कोच गंगाधर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षकों को तकनीकी पहलुओं और प्रशिक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। असम से अमरजीत दुबे ने भी कार्यशाला में शामिल होकर प्रशिक्षकों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के पोषण को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली से डाइटिशियन सचिन उपाध्याय भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए संतुलित आहार, पोषण और प्रशिक्षण के दौरान खान-पान की भूमिका से जुड़ी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम का संचालन भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका ने किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं विशेषज्ञों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। दुर्ग-भिलाई जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष सतीश साहू भी इस अवसर पर मौजूद रहे। अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

चार दिवसीय कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने भी प्रशिक्षकों और तीरंदाजी से जुड़े पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका के खेल के प्रति समर्पण और तीरंदाजी को आगे बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया।

अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने खेलों के विकास, खेलो इंडिया योजना, आधुनिक खेल अधोसंरचना और ओलंपिक की तैयारियों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों का मार्गदर्शक और अभिभावक बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने में कोचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण के साथ मानसिक मजबूती, शारीरिक फिटनेस और उचित पोषण पर ध्यान देना जरूरी है।

कार्यक्रम में सुरजीत छाबड़ा, सोनू राजपूत सहित छत्तीसगढ़ के कई तीरंदाजी प्रशिक्षक और तीरंदाज मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों से जोड़ना और प्रदेश एवं देश में तीरंदाजी के स्तर को मजबूत करना रहा।