NH-30 के चिचाड़ी पुल पर उखड़ा लोहे का एंगल बना खतरा, पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था

कोंडागांव जिले के फरसगांव क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 स्थित चिचाड़ी पुल पर लोहे का एंगल उखड़कर सड़क के ऊपर आ गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलने पर फरसगांव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभाली और वाहनों को सावधानीपूर्वक निकालने की व्यवस्था की। हैरानी की बात यह है कि घटना के दौरान संबंधित विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों ने पुल की तत्काल मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

Nov 1, 2026 - 10:58
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NH-30 के चिचाड़ी पुल पर उखड़ा लोहे का एंगल बना खतरा, पुलिस ने संभाली यातायात व्यवस्था

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के फरसगांव क्षेत्र से नेशनल हाईवे-30 पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। हाईवे स्थित चिचाड़ी पुल पर लगा लोहे का एंगल उखड़कर सड़क के ऊपर आ गया है। इसके चलते पुल से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। सड़क के ऊपर निकला हुआ लोहे का एंगल किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खासकर रात के समय पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, चिचाड़ी पुल पर लगा लोहे का एंगल करीब एक सप्ताह पहले से उखड़ना शुरू हो गया था। इसकी जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से समय रहते मरम्मत की पहल नहीं की गई। धीरे-धीरे एंगल सड़क की ओर बाहर निकल आया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया। लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज करना राहगीरों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही है।

मामले की सूचना मिलने पर शनिवार रात करीब नौ बजे फरसगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल यातायात व्यवस्था संभाली। सड़क के ऊपर लोहे का एंगल निकला होने के कारण वाहनों को सावधानीपूर्वक मार्ग के एक हिस्से से निकाला जाने लगा, ताकि किसी वाहन का एंगल से संपर्क न हो और संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। पुलिसकर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर वाहन चालकों को सतर्क किया और यातायात को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभाई। पुलिस द्वारा उखड़े हुए लोहे के एंगल को हटाने की तैयारी भी की जाती रही।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि नेशनल हाईवे पर खतरे की स्थिति बनने के बावजूद संबंधित विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। ऐसे में सड़क और पुल की मरम्मत से जुड़ी जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, वहां समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं होना चिंता का विषय है।

स्थानीय लोगों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि लोहे का एंगल उखड़ने की जानकारी मिलने के बाद ही आवश्यक मरम्मत कराई जाती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल चिचाड़ी पुल का निरीक्षण कर उखड़े हुए एंगल को ठीक कराए और पुल की पूरी संरचना की जांच करे। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण, समय पर मरम्मत और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

फिलहाल फरसगांव थाना पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभालकर राहगीरों को राहत देने का प्रयास किया है, लेकिन स्थायी समाधान की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक पुल की मरम्मत कराकर नेशनल हाईवे-30 पर आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित बनाता है।