प्रकृति संरक्षण में योगदान के लिए मोहन वर्ल्यानी को मिला ‘पारस गौरव सम्मान’

रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित ‘पारस संगम 2026–एक्सीलेंस अवॉर्ड’ समारोह में पर्यावरणविद् मोहन वर्ल्यानी को ‘पारस गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

Oct 29, 2026 - 13:37
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प्रकृति संरक्षण में योगदान के लिए मोहन वर्ल्यानी को मिला ‘पारस गौरव सम्मान’

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और हरियाली को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पर्यावरणविद् मोहन वर्ल्यानी को ‘पारस गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ की ओर से रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित ‘पारस संगम 2026–एक्सीलेंस अवॉर्ड’ समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान प्रकृति के संरक्षण और समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए उनके निरंतर प्रयासों को प्रोत्साहित करने वाला है।

मोहन वर्ल्यानी बैक टू नेचर सोसाइटी यानी प्रकृति की ओर सोसायटी के अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे एम.जी. रोड, रायपुर स्थित सम्राट कॉरपोरेशन के डायरेक्टर के रूप में भी कार्यरत हैं। व्यवसाय से जुड़े रहने के बावजूद वे प्रकृति और समाज की सेवा के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके प्रयासों का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और दैनिक जीवन में प्रकृति के अनुकूल गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

मोहन वर्ल्यानी लंबे समय से वृक्षारोपण, जल संरक्षण और किचन गार्डन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्तरीय फल-फूल प्रदर्शनियों और राष्ट्रीय आम प्रदर्शनियों के माध्यम से भी वे किसानों तथा आम नागरिकों को प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। इन गतिविधियों के जरिए प्राकृतिक संसाधनों के महत्व और हरियाली को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जाता है।

मोहन वर्ल्यानी का मानना है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए केवल संपत्ति छोड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और हरियाली से भरपूर वातावरण देना भी हमारी जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी यह सोच समाज को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलने की प्रेरणा देती है। उनका संदेश है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करके पर्यावरण की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

समारोह में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, शिव पात्रे और चम्पा देवी इंदिरा देवी जैन चेरिटेबल ट्रस्ट से कमलेश जैन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की फाउंडर प्रेसिडेंट डॉ. कविता कुम्भज, सचिव मूलचंद कश्यप और कोषाध्यक्ष राहुल कुम्भज भी मौजूद रहे। समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के कार्यों को सम्मानित किया गया।

मोहन वर्ल्यानी को मिला ‘पारस गौरव सम्मान’ प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनके प्रयासों को मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है। उनका सेवाभाव यह संदेश देता है कि अपने नियमित कार्यों के साथ प्रकृति और समाज के लिए दिया गया थोड़ा-सा समय भी भविष्य की पीढ़ियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।