सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी मिलने से महेश को मिला आत्मनिर्भरता का नया सहारा, छात्राओं ने सौंपी चाबी

कबीरधाम जिले के ग्राम छांटा निवासी दिव्यांग महेश कुमार पटेल को उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल से सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी प्रदान की गई। पीजी कॉलेज की छात्राओं ने महेश को स्कूटी की चाबी सौंपी और उसे चलाने का अभ्यास भी कराया। स्कूटी मिलने से आवागमन में सुविधा के साथ स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का नया अवसर मिला है।

Oct 7, 2026 - 16:37
Oct 7, 2026 - 18:24
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सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी मिलने से महेश को मिला आत्मनिर्भरता का नया सहारा, छात्राओं ने सौंपी चाबी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम छांटा निवासी दिव्यांग महेश कुमार पटेल के लिए बुधवार का दिन नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आया। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में महेश कुमार को सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी प्रदान की। स्कूटी मिलने से अब उनके आवागमन में आसानी होगी और वे अपने दैनिक कार्यों के साथ आजीविका के लिए नए अवसर तलाश सकेंगे।

स्कूटी प्रदान किए जाने के अवसर पर आत्मीय माहौल देखने को मिला। स्थानीय पीजी कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं ने महेश कुमार को स्कूटी की चाबी सौंपी। छात्राओं ने उनसे बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया और स्कूटी चलाने का अभ्यास भी कराया। इस दौरान महेश के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया। स्कूटी मिलने से उनके लिए न केवल आवागमन आसान हुआ, बल्कि दूसरों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सहारा मिला है।

ग्राम छांटा निवासी महेश कुमार, पिता मैनू पटेल ने बताया कि उन्होंने स्नातक स्तर तक पढ़ाई की है। दिव्यांगता के कारण उन्हें आने-जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रोजमर्रा के कामों के लिए भी कई बार उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी मिलने से वे अपने आवश्यक कार्य स्वयं कर सकेंगे और रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना सकेंगे।

महेश कुमार ने स्कूटी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि जब उन्हें जानकारी मिली थी कि पात्रता के अनुसार आवेदन करने पर सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराई जा सकती है, तब शुरुआत में उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ था। हालांकि अब स्कूटी मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी और वे अपने काम स्वयं करने में अधिक सक्षम होंगे। उन्होंने इस पहल के लिए विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी दिव्यांगजनों के लिए आवागमन की सुविधा के साथ आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन सकती है। रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर गतिशीलता मिलने से दिव्यांगजन अपने जीवन में अधिक स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ सकते हैं। महेश कुमार के मामले में भी स्कूटी मिलने से इसी तरह की नई संभावनाओं का रास्ता खुला है।

उल्लेखनीय है कि दी गई जानकारी के अनुसार विजय शर्मा की पहल से कवर्धा क्षेत्र में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी है। अब तक 100 से अधिक दिव्यांगजनों को ऐसी स्कूटी उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने में सहयोग देना है। महेश कुमार को मिली स्कूटी भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।