पुलिस के मुताबिक 26 सितंबर 2026 को ग्राम पोड़ी कंवरपारा के पीछे गड्ढे वाले खेत में गौवंश के अवशेष मिलने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद ग्राम पोड़ी बरपारा की सरपंच सुशीला ने चौकी पोड़ी बचरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरिया हरीश राठौर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी मोहसिन खान के पर्यवेक्षण में जांच के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया। जांच में फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड, साइबर सेल, चौकी पोड़ी बचरा प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने संयुक्त रूप से काम किया।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान संजय कुमार कुर्रे, धर्मेन्द्र कुर्रे, सुभाष कुर्रे और विक्की उर्फ अमन कुमार कुर्रे, सभी निवासी पोड़ी बैरडांड, तथा एक नाबालिग को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर गवाहों की मौजूदगी में गौ मांस के अवशेष और कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त टांगी तथा चाकू बरामद किए गए।
पुलिस ने 28 सितंबर 2026 को आरोपियों को गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की संबंधित धाराएं भी प्रकरण में जोड़ी गईं। इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों को 29 सितंबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी लवांग सिंह, सउनि एलसी कश्यप, प्रधान आरक्षक सुनील कुमार साहू, चालक सूरज यादव, आरक्षक अजय कुमार सिंह, महिला सैनिक राजकुमारी सहित चौकी के अन्य कर्मचारियों की भूमिका रही। वहीं साइबर सेल बैकुंठपुर से प्रभारी अमोल खलखो, आरक्षक सजल जायसवाल, अमरेशा नंद ठाकुर, राजेश रगड़ा और अमल कुजूर ने भी जांच में सहयोग किया।
कोरिया पुलिस ने कहा है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराध और पशु क्रूरता जैसे मामलों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।