कोंडागांव: विश्रामपुरी में कुष्ठ प्रभावित 10 मरीजों को एमसीआर चप्पल और सेल्फ केयर किट वितरित
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत अक्षमता एवं विकृति सुधार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुष्ठ रोग से प्रभावित 10 मरीजों को एमसीआर चप्पल और सेल्फ केयर किट वितरित की गई। मरीजों को नियमित स्व-देखभाल, किट के उपयोग और शारीरिक विकृति से बचाव के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों की देखभाल और शारीरिक अक्षमता एवं विकृति से बचाव के लिए विशेष पहल की गई। विकासखंड विश्रामपुरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अक्षमता एवं विकृति सुधार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुष्ठ रोग से प्रभावित 10 मरीजों को एमसीआर (माइक्रो सेलुलर रबर) चप्पल और सेल्फ केयर किट वितरित की गई। इसके साथ ही मरीजों को नियमित स्व-देखभाल और शारीरिक विकृति से बचाव के उपायों का प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ शिविर
शिविर का आयोजन कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल के निर्देशन में किया गया। जिले में कुष्ठ रोग से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और प्रभावित मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में सीएमएचओ कार्यालय के एनएमए लोकेश सोनी के प्रयासों से शिविर का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया।
मरीजों को दी गई स्व-देखभाल की जानकारी
शिविर के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग भारती ने मरीजों को एमसीआर चप्पल और सेल्फ केयर किट वितरित की। उन्होंने किट के सही उपयोग, नियमित स्व-देखभाल और जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मरीजों को बताया गया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए नियमित देखभाल महत्वपूर्ण है। पैरों और हाथों की साफ-सफाई, त्वचा की जांच तथा चोट या घाव के प्रति सतर्कता जैसी सावधानियां अपनाने से जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
एमसीआर चप्पल और सेल्फ केयर किट का महत्व
एमसीआर चप्पल कुष्ठ रोग के कारण पैरों में संवेदना कम होने वाले मरीजों को चोट और दबाव से बचाने में सहायक हो सकती है। वहीं, सेल्फ केयर किट मरीजों को घर पर नियमित देखभाल करने में मदद करती है। शिविर में इन संसाधनों के वितरण के साथ मरीजों को उनके उपयोग की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा, ताकि वे दैनिक जीवन में जरूरी सावधानियां अपना सकें।
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य केवल आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों को अपनी सेहत के प्रति जागरूक बनाना और संभावित शारीरिक विकृति से बचाव के लिए प्रोत्साहित करना भी है। समय पर उपचार और नियमित देखभाल से कुष्ठ रोग से जुड़ी कई जटिलताओं को रोकने में सहायता मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम का रहा योगदान
शिविर के सफल आयोजन में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, सेक्टर सुपरवाइजर श्रवण साहू तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह शिविर कुष्ठ प्रभावित मरीजों को स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें नियमित देखभाल के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जिले में कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें, ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।