कुपोषण रोकथाम के लिए कलेक्टर के सख्त निर्देश

कबीरधाम कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में कुपोषण की रोकथाम, गर्भवती एवं एनीमिक महिलाओं को मुनगा पौधों के वितरण, ई-ऑफिस, बायोमेट्रिक उपस्थिति और मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

Oct 14, 2026 - 08:20
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कुपोषण रोकथाम के लिए कलेक्टर के सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में कुपोषण की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों को प्रभावी एवं पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिले में कुपोषण की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को गर्भवती महिलाओं, एनीमिया से प्रभावित महिलाओं और छोटे बच्चों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन लाभार्थियों को मुनगा के पौधे वितरित करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देशन में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

ई-ऑफिस क्रियान्वयन में कबीरधाम को मिली उपलब्धि

बैठक के दौरान कलेक्टर ने ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिले के प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए बधाई दी। साथ ही सभी विभाग प्रमुखों को कार्यालयीन कार्यों का संपादन ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए। ई-ऑफिस के बेहतर संचालन के लिए प्रत्येक गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में संबंधित लिपिकों का प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा गया।

बायोमेट्रिक उपस्थिति और लंबित प्रकरणों की समीक्षा

कलेक्टर ने सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था का अनिवार्य पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचने और शाम 5:30 बजे कार्यालय से प्रस्थान करते समय बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करें। इसके अलावा विभागवार लंबित समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनका निर्धारित अवधि में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

मेडिकल कॉलेज और छात्रावास की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

बैठक में कवर्धा स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के डीन और छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को निर्माण कार्यों में शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को छात्रावास का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने को कहा।

इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।

सेवा सेतु और सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की समीक्षा

कलेक्टर ने जिले में आयोजित सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली और सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र समाधान करने को कहा। उन्होंने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत पोर्टल पर निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक प्रविष्टियां पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में बोड़ला विकासखंड के तरेगांव स्थित शासकीय एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा, सागर सिंह राज, राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।