बलरामपुर में कथित फर्जी पट्टे पर सात महीने से कार्रवाई लंबित, शिकायतकर्ता ने 19 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय के घेराव और धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कथित फर्जी भूमि पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई सात महीने से लंबित होने का आरोप सामने आया है। ग्राम बसंतपुर निवासी राम हरि गुप्ता ने प्रशासनिक निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले में कथित फर्जी भूमि पट्टे का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ग्राम बसंतपुर निवासी शिकायतकर्ता राम हरि गुप्ता ने जिला प्रशासन पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि संबंधित मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने और पट्टा निरस्त करने की अनुशंसा जिला कार्यालय भेजे जाने के बावजूद करीब सात महीने से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे नाराज होकर उन्होंने 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को सुबह 11 बजे से कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
शिकायतकर्ता राम हरि गुप्ता के अनुसार, ग्राम बसंतपुर में जारी एक भूमि पट्टे की वैधता को लेकर उन्होंने संबंधित एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर अनुभाग स्तर पर मामले की जांच-पड़ताल की गई। उनका दावा है कि जांच एवं आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पट्टे को निरस्त करने की अनुशंसा के साथ प्रस्ताव लगभग सात महीने पहले जिला कार्यालय भेज दिया गया था। इसके बावजूद अब तक पट्टा निरस्तीकरण को लेकर कोई अंतिम आदेश जारी नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
राम हरि गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने और समाधान प्राप्त करने के लिए कई बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाए। लंबे इंतजार के बावजूद उन्हें संतोषजनक परिणाम नहीं मिला। उनका आरोप है कि जिला स्तर पर फाइल लंबित होने के कारण मामले का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब अनुभाग स्तर से जांच और अनुशंसा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो अंतिम निर्णय लेने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग को लेकर राम हरि गुप्ता ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और कथित फर्जी पट्टे के संबंध में नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई है कि कार्रवाई की स्थिति और अंतिम निर्णय की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे।
शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वह 19 अक्टूबर को सुबह 11 बजे बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को रखने और लंबे समय से लंबित प्रकरण के निराकरण के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही है।
इस पूरे मामले ने भूमि पट्टा संबंधी शिकायतों के निराकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समयबद्धता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों तथा पट्टे के कथित रूप से फर्जी होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
अब देखना होगा कि 19 अक्टूबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले जिला प्रशासन इस मामले में कोई निर्णय लेता है या शिकायतकर्ता को अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन करना पड़ता है। फिलहाल इस प्रकरण में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।