बोड़ला की 44 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित

कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला की 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। जिले की कुल 144 ग्राम पंचायतों ने निर्धारित छह स्वास्थ्य सूचकांकों को पूरा किया। कवर्धा में आयोजित सम्मान समारोह में सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और मितानिनों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत बनाने के लिए जोश टीम का शुभारंभ हुआ।

Oct 14, 2026 - 08:15
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बोड़ला की 44 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला की 44 ग्राम पंचायतों को निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को पूरा करने के आधार पर टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि पर कवर्धा के स्थानीय वीर सावरकर भवन में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन अभियान को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जोश टीम का शुभारंभ भी किया गया।

सम्मान समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चन्द्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अभियान में योगदान देने वाले सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और मितानिनों को सम्मानित किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कबीरधाम जिले की कुल 470 ग्राम पंचायतों में से 144 ग्राम पंचायतों को निर्धारित छह सूचकांकों के आधार पर टीबी मुक्त घोषित किया गया। इनमें आकांक्षी विकासखंड बोड़ला की 44 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, टीबी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच, उपचार और सामुदायिक भागीदारी को दर्शाती है।

छह निर्धारित स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर हुआ चयन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के चयन के लिए छह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांक निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रति एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 व्यक्तियों की टीबी जांच, टीबी मामलों की निर्धारित सीमा, दवा संवेदनशीलता की जांच, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत भुगतान, न्यूनतम 85 प्रतिशत उपचार सफलता दर और प्रत्येक टीबी मरीज के लिए पोषण सहायता उपलब्ध कराने हेतु निक्षय मित्र की व्यवस्था शामिल है।

इन मानकों का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान करना, उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना और बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जांच, उपचार और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरपंचों और मितानिनों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस उपलब्धि में ग्राम पंचायतों के सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने, टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक करने और मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने में इनका योगदान महत्वपूर्ण माना गया।

जोश टीम के शुभारंभ से अभियान को मिलेगी मजबूती

सम्मान समारोह के दौरान जोश टीम का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाना है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़े और संभावित मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित हो।

बोड़ला विकासखंड की 44 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और समुदाय की संयुक्त भागीदारी से टीबी मुक्त भारत अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।