दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई, 33 में से 20 मामलों की हुई सुनवाई; रश्मि वर्मा FIR प्रकरण पर भी चर्चा
दुर्ग में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान 33 प्रकरण रखे गए, जिनमें 20 मामलों की सुनवाई पूरी हुई। सुनवाई में मानसिक प्रताड़ना, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, रजिस्ट्री और मुआवजा से जुड़े मामले सामने आए। समाजसेवी रश्मि वर्मा के खिलाफ दर्ज FIR का मामला भी चर्चा में रहा। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने महिलाओं की जागरूकता के लिए प्रशिक्षण और अवेयरनेस कैंप आयोजित करने की बात कही।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष, बालगृह परिसर में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने दुर्ग में आयोजित महिला आयोग की जनसुनवाई और विभिन्न प्रकरणों को लेकर मीडिया से चर्चा की।
डॉ. ममता साहू ने बताया कि दुर्ग में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की दूसरी जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई में कुल 33 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 20 मामलों की सुनवाई पूरी की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर यह आयोग की आठवीं जनसुनवाई थी।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़े कई तरह के मामले सामने आए। इनमें मानसिक प्रताड़ना, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, रजिस्ट्री और मुआवजे से संबंधित प्रकरण शामिल रहे। आयोग ने मामलों को सुनने के साथ संबंधित पक्षों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई और समझाइश की प्रक्रिया अपनाई।
जनसुनवाई में जामुल की समाजसेवी रश्मि वर्मा से जुड़ा FIR प्रकरण भी प्रमुखता से सामने आया। जानकारी के अनुसार PWD के एक अधिकारी की शिकायत पर रश्मि वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इस मामले को लेकर महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि छोटी-छोटी बातों को लेकर समाजसेवियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए।
आयोग की ओर से संबंधित अधिकारी को समझाइश देने की बात भी कही गई। प्रेसवार्ता में बताया गया कि आयोग ने इस प्रकरण को समाप्त करने के लिए आवश्यक समझाइश दी है। हालांकि मामले की आगे की स्थिति संबंधित प्रक्रिया के अनुसार स्पष्ट होगी।
डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से आने वाले समय में पुलिस, न्यायिक विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को घरेलू विवाद, कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न, कानूनी अधिकारों और शिकायत की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। आयोग का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों में उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
प्रेसवार्ता के दौरान महिला आयोग की जनसुनवाई में सामने आए मामलों और आयोग की आगामी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। दुर्ग में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सामने आए प्रकरणों में आयोग द्वारा संबंधित पक्षों की बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।