दुर्ग में रावण दहन से पहले अग्निशमन विभाग अलर्ट, समितियों को अग्निशामक यंत्र और पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश
दुर्ग जिले में विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन और आतिशबाजी के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की टीम ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी के आदेशानुसार आयोजन समितियों के अध्यक्षों और कर्मचारियों को अग्निशामक यंत्र, पर्याप्त पानी और रेत की बाल्टियां रखने के निर्देश दिए गए। अस्थायी दुकानों में भी अग्निशामक यंत्र रखने को कहा गया, जिसके बाद समितियों ने तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l विजयदशमी पर्व के अवसर पर रावण दहन और आतिशबाजी के दौरान आगजनी की संभावित घटनाओं को रोकने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुर्ग जिले में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की टीम सक्रिय रही। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दुर्ग के आदेशानुसार अग्निशमन टीम ने जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर रावण दहन कार्यक्रमों की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान आयोजन समितियों के अध्यक्षों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन और आतिशबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में आग से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से अग्निशमन विभाग की टीम ने आयोजन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली और समितियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान समिति अध्यक्षों और कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि रावण दहन एवं आतिशबाजी के लिए निर्धारित स्थान पर अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखें। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी और रेत से भरी बाल्टियों की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उस पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा सके। विभाग ने सुरक्षा उपकरणों को ऐसी जगह रखने पर भी जोर दिया, जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।
अग्निशमन टीम ने आयोजन स्थलों के आसपास संचालित अस्थायी दुकानों के संचालकों और संबंधित समितियों को भी अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए। त्योहार के दौरान अस्थायी दुकानों, विद्युत सजावट और आतिशबाजी के आसपास आग लगने का खतरा बना रह सकता है। इसे देखते हुए दुकानों में भी अग्निशामक यंत्र रखने के लिए कहा गया, जिससे किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल बचाव के उपाय किए जा सकें।
विभाग के निर्देशों के बाद आयोजन समितियों ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न स्थानों पर अग्निशामक यंत्रों की व्यवस्था की। इसके साथ ही आग से बचाव के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए। अग्निशमन विभाग की इस पहल का उद्देश्य पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहना है।
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं दुर्ग ने विजयदशमी जैसे सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। रावण दहन के दौरान निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखना, आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतना और आग से बचाव के साधन उपलब्ध रखना महत्वपूर्ण है। विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण और जारी निर्देशों से आयोजन स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। नागरिकों से भी अपील है कि वे त्योहार का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।