भाजपा का अनर्थशास्त्र: जनता की जेब खाली, सरकार की तिजोरी भारी—कांग्रेस

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने सितंबर 2026 के जीएसटी कलेक्शन में 14.7 प्रतिशत वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ा हुआ जीएसटी संग्रह आर्थिक मजबूती के बजाय महंगाई और आयात पर बढ़ती निर्भरता का परिणाम है। कांग्रेस ने घरेलू कारोबार, किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

Oct 8, 2026 - 10:14
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भाजपा का अनर्थशास्त्र: जनता की जेब खाली, सरकार की तिजोरी भारी—कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l सितंबर 2026 में जीएसटी कलेक्शन में 14.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी और कुल 2.03 लाख करोड़ रुपये के संग्रह के आंकड़े को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी को आर्थिक मजबूती के तौर पर प्रस्तुत कर रही है, जबकि कांग्रेस के अनुसार इसके पीछे महंगाई और आयात से बढ़ने वाला कर संग्रह प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि जनता की रोजमर्रा की जरूरतों और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के बीच टैक्स कलेक्शन बढ़ना आम लोगों के लिए राहत का संकेत नहीं माना जा सकता।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सितंबर 2026 के जीएसटी आंकड़ों में आयात से प्राप्त जीएसटी में 25.9 प्रतिशत की वृद्धि का उल्लेख किया गया है। कांग्रेस का दावा है कि आयात से मिलने वाले जीएसटी में इतनी बढ़ोतरी घरेलू कारोबार और उत्पादन की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। उनके अनुसार, यदि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है तो घरेलू व्यापार और उत्पादन की तुलना में आयात पर निर्भरता क्यों बढ़ रही है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और आयातित वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का असर इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, खाद, उर्वरक और अन्य कमोडिटी की कीमतों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इसका सीधा प्रभाव किसानों, छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। कांग्रेस ने इसी आधार पर जीएसटी कलेक्शन में हुई वृद्धि को ‘महंगाई-जनित टैक्स वसूली’ बताया है। हालांकि, ये सभी दावे कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सरकार जीएसटी कलेक्शन के 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने को उपलब्धि के रूप में देख रही है, लेकिन कांग्रेस का सवाल है कि इस बढ़े हुए संग्रह का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसान पहले से ही खाद, कृषि उपकरण, डीजल और अन्य इनपुट लागत को लेकर दबाव में हैं। कांग्रेस ने सरकार से पूछा कि यदि कर संग्रह बढ़ रहा है तो उसका लाभ राज्य की विकास योजनाओं और आम नागरिकों तक किस तरह पहुंच रहा है।

उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और घरेलू उत्पादन को लेकर भी सरकार से सवाल किया। कांग्रेस का तर्क है कि यदि आयात आधारित जीएसटी संग्रह में तेज वृद्धि हो रही है और घरेलू कारोबार अपेक्षाकृत पीछे है, तो सरकार को देश में विनिर्माण और स्थानीय कारोबार की स्थिति पर जवाब देना चाहिए। पार्टी ने रुपये की स्थिति, आयात की लागत और किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत को आपस में जोड़ते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि भारी-भरकम जीएसटी संग्रह में छत्तीसगढ़ के हिस्से का राज्य को मिलने वाला पैसा विकास योजनाओं और बकाया भुगतानों के लिए केंद्र से कब तक उपलब्ध कराया जाएगा। कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार से जीएसटी संग्रह के बढ़ते आंकड़ों के साथ-साथ महंगाई, घरेलू कारोबार, किसानों की लागत और आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव पर भी जवाब देने की मांग की है।

कांग्रेस ने कहा है कि केवल टैक्स कलेक्शन बढ़ना आर्थिक खुशहाली का पर्याप्त पैमाना नहीं है। पार्टी के अनुसार सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राजस्व बढ़ने के साथ आम जनता की क्रय शक्ति, किसानों की आय, छोटे व्यापारियों का कारोबार और घरेलू उत्पादन भी मजबूत हो। कांग्रेस ने जीएसटी वृद्धि के आंकड़ों को लेकर सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग की है।