धान खरीदी पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने धान के बढ़े हुए समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को देने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को पुराने 3100 रुपए प्रति क्विंटल के आंकड़े में उलझाए हुए है। कांग्रेस ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की तत्काल घोषणा करने की मांग की है।

Oct 8, 2026 - 10:07
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धान खरीदी पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किसानों को बढ़ी हुई न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का लाभ देने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है और उन्हें पुराने 3100 रुपए प्रति क्विंटल के आंकड़े में उलझाकर रखा गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की तत्काल आधिकारिक घोषणा की जाए।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से ‘मोदी की गारंटी’ के तहत 3100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का वादा किया गया था। कांग्रेस का दावा है कि पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में तीन बार बढ़ोतरी की जा चुकी है और कुल 258 रुपए की वृद्धि हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि इस बढ़ी हुई एमएसपी का लाभ किसानों को राज्य की खरीदी दर में नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस ने दावा किया कि किसानों की लागत में भी इस अवधि के दौरान वृद्धि हुई है। संगठन के अनुसार खाद, बीज, डीजल और मजदूरी जैसी कृषि लागत में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि बढ़ी हुई एमएसपी को राज्य सरकार अपनी खरीदी दर में शामिल नहीं करती है, तो कांग्रेस के गणित के अनुसार 21 क्विंटल प्रति एकड़ के औसत पर किसान को लगभग 5,418 रुपए प्रति एकड़ का नुकसान हो सकता है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के वादे के बावजूद गिरदावरी, रकबा कटौती और अनावरी रिपोर्ट जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि खरीदी के समय किसानों के सामने कई तरह की शर्तें रखी जाती हैं और रकबा समर्पण का दबाव भी बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।

कांग्रेस ने 2023 के चुनावी वादों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र खोलने और 3100 रुपए की दर से धान खरीदी के मुद्दे को भी उठाया। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के अनुसार न तो अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान हो रहा है और न ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को धान की बढ़ी हुई कीमत का लाभ देने की मांग की।

सुशील आनंद शुक्ला ने सवाल उठाया कि जब कृषि लागत बढ़ रही है और केंद्र सरकार की ओर से एमएसपी में वृद्धि की गई है, तो किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि आगामी धान खरीदी में किसानों को 3358 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा या नहीं।

कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य सरकार बिना किसी शर्त के 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी की आधिकारिक घोषणा करे। साथ ही रकबा कटौती और गिरदावरी से जुड़ी किसानों की शिकायतों का समाधान करने की मांग की गई है। कांग्रेस का कहना है कि किसानों की वर्षों पुरानी मांगों और उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को धान खरीदी से पहले स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए।