कवर्धा: चिरायु योजना के तहत बोड़ला में निःशुल्क हृदय जांच शिविर, 21 बच्चों का ऑपरेशन के लिए चयन
कवर्धा जिले के बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत निःशुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। सत्य साईं हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से आयोजित शिविर में 43 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 21 बच्चों को हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों में हृदय रोग की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कवर्धा जिले के बोड़ला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में सत्य साईं हॉस्पिटल रायपुर का सहयोग रहा। शिविर के दौरान जिले के 43 बच्चों का पंजीयन कर उनकी हृदय संबंधी जांच की गई। जांच के बाद 21 बच्चों को हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में हृदय रोग की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुरे ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, आश्रमों और छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। इसके लिए चिरायु दलों का गठन किया गया है। ये दल वर्ष में एक बार विद्यालयों और वर्ष में दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच, परामर्श तथा आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को आगे की जांच और उपचार के लिए चिरायु वाहनों से शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर छत्तीसगढ़ शासन से अनुबंधित राज्य के बाहर के अस्पतालों में भी बच्चों के उपचार और ऑपरेशन की व्यवस्था की जाती है। इसका उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी बच्चे को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होने से बचाना है।
शिविर में बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश साठे ने बच्चों की जांच कर हृदय रोग के संभावित लक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशुओं और छोटे बच्चों में दूध पीते समय जल्दी थक जाना, सांस फूलना, अधिक पसीना आना, होंठ या नाखूनों का नीला पड़ना और वजन नहीं बढ़ना हृदय रोग के संकेत हो सकते हैं। बड़े बच्चों में शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस फूलना, अत्यधिक थकान, सीने में दर्द, चक्कर आना, बेहोशी या दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज होना भी गंभीरता से लेने योग्य लक्षण हैं।
डॉ. योगेश साठे ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। शिविर में जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी, डॉ. मुकुंद राव, शिव गोपाल, शिवेंद्र देवांगन सहित विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी और चिरायु दल के सदस्य उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिरायु योजना के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।