छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में इलाज का संकट, 9,392 पद रिक्त होने का कांग्रेस का दावा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के अनुसार, जुलाई 2026 की रिपोर्टों में स्वास्थ्य विभाग के 9,392 पद रिक्त बताए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 2,025 पदों में से केवल 408 पर नियुक्ति होने और स्टाफ नर्सों के 2,745 पद रिक्त होने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने सरकार से समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती को प्राथमिकता देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता को समय पर उपचार मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को डॉक्टरों की कमी के कारण एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।
वंदना राजपूत ने विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों पर आधारित जुलाई 2026 की रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कुल 9,392 पद रिक्त हैं। उनके अनुसार, विशेषज्ञ चिकित्सकों के 2,025 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 408 विशेषज्ञ चिकित्सक कार्यरत हैं। इस आधार पर लगभग 80 प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बताई गई है। इसके अलावा, स्टाफ नर्सों के 2,745 पद रिक्त होने का भी दावा किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि इन रिक्त पदों का सीधा असर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को यदि आवश्यक चिकित्सक और विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होंगे, तो उन्हें समय पर उपचार कैसे मिल पाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कई मरीजों को दूसरे शहरों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में देरी होने की आशंका भी बनी रहती है। निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना प्रत्येक परिवार के लिए संभव नहीं है, इसलिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और चिकित्सकों की उपलब्धता आवश्यक है।
वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के दावे कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। अस्पतालों में चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मचारियों की कमी दूर किए बिना आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना मुश्किल होगा।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों की जिलेवार और पदवार सूची सार्वजनिक की जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की भर्ती के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया जाए। इसके साथ ही दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
वंदना राजपूत ने कहा कि प्रदेश की जनता को केवल घोषणाओं और विज्ञापनों की नहीं, बल्कि अस्पतालों में डॉक्टरों और समय पर उपचार की आवश्यकता है। कांग्रेस ने सरकार से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को भरने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।