छत्तीसगढ़ में बिजली बिल पर कोयला प्रभार को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का आरोप
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के साथ कोयले का अतिरिक्त प्रभार वसूले जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि अक्टूबर महीने में उपभोक्ताओं पर 300 से 1000 रुपये तक का अतिरिक्त भार डाला गया है। कांग्रेस का दावा है कि भुगतान संबंधी विवादों के कारण कुछ उपभोक्ताओं की बिजली भी काटी जा रही है। पार्टी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बिजली बिल हाफ योजना बंद किए जाने को लेकर भी सरकार की आलोचना की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के साथ कोयले का अतिरिक्त प्रभार वसूले जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि सरकार बिजली उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अक्टूबर महीने में उपभोक्ताओं के बिजली बिल के अतिरिक्त 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का कोयला प्रभार लगाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।
कोयला प्रभार को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि जिन उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन माध्यम से केवल बिजली बिल का भुगतान किया है और कोयला प्रभार शुल्क जमा नहीं किया, उनकी बिजली काटी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ताओं की बिजली बिल की निर्धारित अंतिम तिथि आने से पहले ही बकाया बताकर काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि बिजली बिल और अतिरिक्त प्रभार से जुड़ी व्यवस्था को स्पष्ट किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिजली दरों में बढ़ोतरी का भी लगाया आरोप
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे की बढ़ोतरी का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने दावा किया कि विद्युत ईंधन अधिभार और अन्य शुल्कों के कारण उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर और बिजली बिल हाफ योजना पर सवाल
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर से अधिक रीडिंग आने की शिकायतें हैं और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद होने से घरेलू उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई का सामना कर रहे परिवारों के लिए बढ़े हुए बिजली बिल का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आम जनता की आर्थिक परेशानियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने बिजली की कीमतों और अतिरिक्त शुल्कों को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली बिल में कौन-कौन से शुल्क लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूलने का आधार क्या है।
उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि बिजली बिल में लगाए जा रहे अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था स्पष्ट की जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया जाए। पार्टी का कहना है कि बिजली आम नागरिकों की बुनियादी जरूरत है, इसलिए बिल निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। हालांकि, बिजली दरों, अतिरिक्त प्रभार और बिजली कनेक्शन काटे जाने को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। इन दावों पर सरकार या बिजली विभाग का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।