हरिद्वार पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल, BHEL प्लांट का किया निरीक्षण

संसदीय प्राक्कलन समिति के उत्तराखंड अध्ययन दौरे के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल हरिद्वार स्थित BHEL विनिर्माण इकाई पहुंचे और संयंत्र की विभिन्न उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के बिजली संयंत्रों में BHEL की तकनीक और उपकरणों के योगदान का उल्लेख करते हुए ऊर्जा एवं रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Sep 28, 2026 - 10:06
Sep 28, 2026 - 10:12
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हरिद्वार पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल, BHEL प्लांट का किया निरीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. संसद की प्राक्कलन समिति के उत्तराखंड अध्ययन दौरे के दौरान रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल रविवार को हरिद्वार स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) की विनिर्माण इकाई पहुंचे। समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने BHEL परिसर की विभिन्न उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण किया और वहां संचालित तकनीकी एवं विनिर्माण प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

प्लांट पहुंचने पर BHEL प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित समिति के अन्य सदस्यों का स्वागत किया। इसके बाद समिति ने संयंत्र की प्रमुख विनिर्माण इकाइयों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने प्रजेंटेशन और मौके पर निरीक्षण के माध्यम से संयंत्र की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रदर्शन तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी समिति के सदस्यों के सामने रखी।

छत्तीसगढ़ की ऊर्जा व्यवस्था में BHEL की भूमिका

निरीक्षण के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने BHEL के इंजीनियरों और कर्मचारियों के तकनीकी कौशल का उल्लेख किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में BHEL की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य देश के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।

अग्रवाल के अनुसार, छत्तीसगढ़ में NTPC सीपत, कोरबा और राज्य विद्युत उत्पादन कंपनियों के ताप विद्युत संयंत्रों में BHEL द्वारा निर्मित टर्बाइन और जनरेटर का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों ने राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और औद्योगिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा आपूर्ति को आधार दिया है।

हरिद्वार प्लांट में ऊर्जा और रक्षा उपकरणों का निर्माण

बृजमोहन अग्रवाल ने हरिद्वार स्थित BHEL प्लांट की उत्पादन क्षमताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संयंत्र में भारी स्टीम और गैस टर्बाइन, टर्बो जनरेटर तथा बड़े औद्योगिक मोटर्स सहित विभिन्न प्रकार के उपकरणों का निर्माण किया जाता है।

उन्होंने सेंट्रल फाउंड्री फोर्ज प्लांट (CFFP) में तैयार होने वाली भारी कास्टिंग और फोर्जिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संयंत्र में भारतीय नौसेना के लिए 76 एमएम सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) जैसी रक्षा प्रणालियों से जुड़े उत्पादन कार्य भी किए जाते हैं।

R&D और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर

सांसद अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम देश की औद्योगिक और रणनीतिक क्षमता में भूमिका निभाते हैं। उन्होंने BHEL प्रबंधन के साथ चर्चा के दौरान अनुसंधान एवं विकास (R&D) को मजबूत करने तथा ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुरूप उत्पादन क्षमता को लगातार आधुनिक बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, आधुनिक उत्पादन प्रक्रियाओं और स्वदेशी क्षमता के विस्तार से देश की ऊर्जा एवं रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

अध्ययन दौरे के दौरान प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, समिति के अन्य सांसद, BHEL के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी मौजूद रहे। समिति के दौरे के दौरान संयंत्र की उत्पादन व्यवस्था, तकनीकी क्षमताओं और भविष्य की योजनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।