भिलाई में क्षमा वाणी पर्व का आयोजन, 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से की क्षमा याचना

भिलाई के स्थानीय जैन भवन में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन महासभा द्वारा क्षमा वाणी पर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए सामूहिक रूप से क्षमा याचना की। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जैन समाज की अहिंसा और सामाजिक मूल्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सत्य के साथ खड़े हैं। कार्यक्रम में धार्मिक प्रवचन, तपस्वियों का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक वात्सल्य भोज भी आयोजित किया गया।

Sep 28, 2026 - 20:45
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भिलाई में क्षमा वाणी पर्व का आयोजन, 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से की क्षमा याचना

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, भिलाई l भिलाई के स्थानीय जैन भवन में क्षमा वाणी पर्व के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन महासभा द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की और परस्पर प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन के दौरान उन्होंने जैन समाज की अहिंसा और सामाजिक मूल्यों की प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जैन समाज प्रबुद्ध और अहिंसा प्रिय समाज है। उन्होंने यह भी कहा कि वे गलत के खिलाफ खड़े हैं और अंततः सत्य का साथ देने की बात कही।

500 से अधिक श्रद्धालुओं ने की सामूहिक क्षमा याचना

समिति के अध्यक्ष प्रशांत जैन और मंत्री सोमेश जैन के अनुसार, क्षमा वाणी पर्व के अवसर पर 500 से अधिक दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालु एकत्र हुए। कार्यक्रम में सामूहिक क्षमा वाणी का आयोजन किया गया। समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी एक-दूसरे से विनम्रतापूर्वक क्षमा मांगी।

आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण के साथ समाज में आपसी सौहार्द और वात्सल्य की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमा वाणी की।

जैन भवन को लेकर समाज ने रखी अपनी बात

कार्यक्रम के दौरान जैन भवन से जुड़ी समाज की एक पीड़ा भी सामने रखी गई। आयोजकों की ओर से कहा गया कि जैन भवन की नींव 1960 के दशक में समाज की पहली पीढ़ी और पूर्वजों द्वारा रखी गई थी। आयोजकों ने कहा कि क्षमा वाणी जैसे धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अनुमति संबंधी स्थिति से समाज में पीड़ा है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विषय पर विजय बघेल ने विवाद की मध्यस्थता के लिए तैयार रहने की बात कही। यह विषय कार्यक्रम के दौरान चर्चा में रहा।

धर्म सभा और तपस्वियों का सम्मान

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण और भजनों के साथ हुई। इसके बाद पंडित अक्षय भैया ने प्रवचन दिया और क्षमावाणी पर्व तथा उत्तम क्षमा के सिद्धांतों के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में कठिन तपस्या करने वाले उपवासकर्ताओं का भी सम्मान किया गया। विजय बघेल ने तपस्वियों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में संजीव कासलीवाल, पप्पू जैन छावड़ा, विमुक्ति छावड़ा, अनिता जैन कमल, रिचा जैन, स्वाति जैन, साधना सुनील जैन, सीमा कोशल, सुषमा जैन, निकिता विपिन जैन, ज्योत्सना काला, श्रेया सौरभ जैन, श्रेयांश जैन, परी जैन, आयुष जैन, आरुषि जैन, रानू जैन, अंकिता सौरभ जैन, नीशा जैन और शिखर जैन शामिल रहे।

बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में जैन पाठशाला के बच्चों और महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पारितोषिक प्रदान किए गए। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक वात्सल्य भोज में सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशांत जैन ने की, जबकि संचालन सोमेश जैन और जिनेंद्र जैन ने किया। आयोजन में समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरी गतिविधि के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ क्षमा, अहिंसा, आपसी सद्भाव और सामाजिक सहभागिता का संदेश प्रमुख रहा।