बलरामपुर में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, अधिकारियों-कर्मचारियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
बलरामपुर में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत 12 से 15 अक्टूबर तक चार दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति में पहला सत्र संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में जनसंख्या गणना, डेटा संकलन की शुद्धता और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को गति देने के लिए बलरामपुर जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला पंचायत सभाकक्ष में 12 से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण के तहत आगामी जनसंख्या गणना के फील्ड कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति में प्रशिक्षण का पहला सत्र संपन्न हुआ।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले में नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स जिला स्तरीय जनगणना अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों को आवश्यक जानकारी दे रहे हैं। इसका उद्देश्य जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना और मैदानी स्तर पर आंकड़ों के संकलन में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
दो चरणों में आयोजित हो रहा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 12 और 13 अक्टूबर को सामरी, कुसमी, चांदो, शंकरगढ़ और राजपुर जनगणना चार्ज से जुड़े अनुविभागीय जनगणना अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों और जनगणना लिपिकों को प्रशिक्षण दिया गया।
वहीं, दूसरे चरण में 14 और 15 अक्टूबर को डौरा-कोचली, बलरामपुर, रामचन्द्रपुर, रामानुजगंज, चलगली, वाड्रफनगर और रघुनाथनगर चार्ज के अधिकारी-कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इस तरह जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों को आगामी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
सटीक आंकड़ों और समय-सीमा पर जोर
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना से संबंधित मानकों, दिशा-निर्देशों, आवश्यक संकल्पनाओं और डेटा संकलन की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नीति निर्माण और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए आंकड़ों का सही और त्रुटिरहित संकलन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने निर्धारित समय-सारणी का पालन करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने पर जोर दिया। जनगणना प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए नियमों और तकनीकी दिशा-निर्देशों की सही समझ भी जरूरी बताई गई।
मैदानी अमले को भी देंगे प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के आधार पर अधिकारी आगामी चरणों में मैदानी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे जनगणना के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने और आंकड़ों के संकलन में समानता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर के नोडल अधिकारी शिवम दास और मोहित तिवारी द्वारा दिया जा रहा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अभिषेक कुमार गुप्ता, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी संतोष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण से पहले आयोजित यह प्रशिक्षण जिले में तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य जनसंख्या गणना के फील्ड कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यवस्थित और सटीक तरीके से पूरा करना है।