कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ॐ के उच्चारण और गायत्री मंत्र के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने अनुलोम-विलोम, कपालभाति सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। सामूहिक रूप से योग करने से प्रार्थना सभा का वातावरण सकारात्मक और अनुशासित नजर आया। योगाभ्यास के बाद राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन किया गया।
विद्यालय के संचालक पवन देवांगन ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी तकनीक और इंटरनेट के दौर में जीवन जी रहे हैं। तकनीक का उपयोग उपयोगी है, लेकिन उसके साथ जीवन में संतुलन और ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी ऊर्जा, मन और एकाग्रता को सकारात्मक दिशा देने की आदत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यालय संचालक पवन देवांगन और संचालिका सारिका देवांगन स्वयं लंबे समय से योग एवं ध्यान के अभ्यास से जुड़े रहे हैं। इसी अनुभव से प्रेरणा लेते हुए विद्यालय में योग को विद्यार्थियों की नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने की पहल की गई है। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य योग को केवल एक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली के संस्कार विकसित करना है।
प्रार्थना सभा को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ने के लिए सप्ताहभर अलग-अलग सकारात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। इनमें प्रेरणादायक वक्तव्य, हनुमान चालीसा, हिंदी प्रतिज्ञा, ‘ईश्वर को धन्यवाद’ प्रार्थना, ‘सकारात्मक संकल्प’ और विशेष सभा जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही कक्षाओं में प्रतिदिन सुविचार और समाचार-वाचन भी कराया जाएगा।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार एकाग्र और सकारात्मक सोच रखने वाला विद्यार्थी परिवार और समाज में भी सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकता है। इसी उद्देश्य के साथ योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल किया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि प्रत्येक बच्चे के भीतर ऊर्जा और क्षमता मौजूद है। आवश्यकता केवल इस ऊर्जा को सही दिशा देने की है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि नियमित योगाभ्यास विद्यार्थियों को मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने में सहायक हो सकता है।
उक्त जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं पीजीटी हिन्दी अशोक कुमार इनवाती द्वारा दी गई।