अंतागढ़ में AAP कार्यकर्ताओं की कथित नजरबंदी पर देवलाल नरेटी ने उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने अंतागढ़ में पार्टी कार्यकर्ताओं को कथित रूप से नजरबंद किए जाने और उनके मोबाइल फोन अपने पास रखे जाने का आरोप लगाया है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने प्रशासन से कार्यकर्ताओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने और किसी भी कार्रवाई में वैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

Sep 27, 2026 - 15:23
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अंतागढ़ में AAP कार्यकर्ताओं की कथित नजरबंदी पर देवलाल नरेटी ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने अंतागढ़ में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को कथित रूप से नजरबंद किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं को एक स्थान पर रोके जाने के साथ उनके मोबाइल फोन भी अपने पास रखे गए हैं। पार्टी का कहना है कि संबंधित कार्यकर्ताओं को कहां रखा गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी उनके परिजनों और पार्टी पदाधिकारियों को नहीं मिल पा रही है।

देवलाल नरेटी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है तो संबंधित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिरासत की स्थिति में परिजनों और संबंधित पक्ष को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंतागढ़ में कार्यकर्ताओं को कथित रूप से रोके जाने की जानकारी सामने आने के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने मांग की है कि जिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात कही जा रही है, उनके संबंध में तत्काल आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाए।

देवलाल नरेटी ने सरकार पर राजनीतिक असहमति से जुड़े सवालों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों और नागरिकों को अपनी बात रखने तथा सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने सरकार से विपक्ष की आवाज को रोकने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।

आम आदमी पार्टी ने यह भी कहा कि यदि कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है तो उसकी जानकारी उनके परिजनों और पार्टी को दी जानी चाहिए। पार्टी के मुताबिक, कार्यकर्ताओं के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति को बिना वैधानिक आधार के रोका गया है तो ऐसी स्थिति समाप्त की जानी चाहिए।

हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों पर अंतागढ़ पुलिस या जिला प्रशासन का पक्ष शामिल नहीं है। इसलिए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने, उन्हें किस स्थान पर रखा गया है और मोबाइल फोन लिए जाने संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि अलग से आवश्यक है।

AAP के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी ने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और संबंधित कार्यकर्ताओं की स्थिति स्पष्ट करने की मांग दोहराई है। मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।