धमतरी के गांवों में पहुंचे पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा, ग्रामीण आजीविका और पारिवारिक खर्च का लिया जायजा

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा ने धमतरी जिले के मगरलोड और कुरुद विकासखंड के ग्राम केकराखोली एवं चर्रा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और किसान उत्पादक कंपनियों के सदस्यों से संवाद कर ग्रामीण आजीविका, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और पारिवारिक उपभोग व्यय की स्थिति की जानकारी ली। यह भ्रमण पारिवारिक उपभोग व्यय सर्वेक्षण के अंतर्गत तकनीकी विशेषज्ञ समूह के क्षेत्रीय दौरे का हिस्सा था।

Oct 29, 2026 - 17:41
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धमतरी के गांवों में पहुंचे पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा, ग्रामीण आजीविका और पारिवारिक खर्च का लिया जायजा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण परिवारों की आजीविका और पारिवारिक उपभोग व्यय की वास्तविक स्थिति को समझने के उद्देश्य से भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा ने धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने मगरलोड और कुरुद विकासखंड के ग्राम केकराखोली तथा ग्राम पंचायत चर्रा में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों, प्रगतिशील कृषकों और किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) के सदस्यों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीण परिवारों की आय के स्रोतों, कृषि गतिविधियों और स्थानीय विकास से जुड़े विषयों की जानकारी ली गई।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने अमरजीत सिन्हा को जिले में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं, महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण, कृषि एवं आजीविका संवर्धन और किसान उत्पादक कंपनियों की गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीण परिवारों की आय के विभिन्न स्रोतों, आजीविका के अवसरों तथा शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी भी साझा की।

यह भ्रमण भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा संचालित पारिवारिक उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) के अंतर्गत तकनीकी विशेषज्ञ समूह के क्षेत्रीय दौरे का हिस्सा था। इस सर्वेक्षण के माध्यम से ग्रामीण और शहरी परिवारों द्वारा खाद्य पदार्थों, गैर-खाद्य वस्तुओं तथा विभिन्न सेवाओं पर किए जाने वाले खर्च से संबंधित आंकड़े संकलित किए जाते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर परिवारों के उपभोग के स्वरूप, जीवन-स्तर और आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने में सहायता मिलती है।

मगरलोड विकासखंड के ग्राम केकराखोली में अमरजीत सिन्हा ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, किसानों और एफपीसी सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण आजीविका के साधनों, कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों, महिला समूहों की भूमिका और किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाले अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद में यह समझने पर जोर दिया गया कि ग्रामीण परिवारों की आय किन गतिविधियों पर निर्भर है और कृषि सहित अन्य आर्थिक गतिविधियां उनकी दैनिक जरूरतों तथा खर्च करने की क्षमता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।

इसके बाद कुरुद विकासखंड के ग्राम पंचायत चर्रा में भी ग्रामीणों के साथ संवाद किया गया। यहां महिलाओं, किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परिवारों की आवश्यकताओं, कृषि गतिविधियों, आजीविका के साधनों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आर्थिक अवसरों पर चर्चा हुई। प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से ग्रामीणों के अनुभवों और उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया। इस दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका जैसे विषय भी महत्वपूर्ण रहे।

पारिवारिक उपभोग व्यय सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े परिवारों के खर्च के स्वरूप और उपभोग के रुझानों को समझने में उपयोगी होते हैं। इनका उपयोग आर्थिक एवं सांख्यिकीय विश्लेषण, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से संबंधित आकलन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण और मूल्यांकन में किया जाता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण और स्थानीय लोगों से प्रत्यक्ष बातचीत सर्वेक्षण के आंकड़ों को जमीनी परिस्थितियों के संदर्भ में समझने में सहायक होती है।