AAP का आरोप: IDBI बैंक के बाद अब भिलाई स्टील प्लांट पर केंद्र की नजर? अभिषेक मिश्रा ने जताया विरोध

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने केंद्र सरकार की निजीकरण नीतियों पर सवाल उठाते हुए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को निजी हाथों में सौंपे जाने की आशंकाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने IDBI बैंक के विनिवेश और देश की सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों को सौंपने की नीतियों का विरोध किया। AAP ने भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण की किसी भी कोशिश के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

Oct 16, 2026 - 18:45
Oct 16, 2026 - 18:46
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AAP का आरोप: IDBI बैंक के बाद अब भिलाई स्टील प्लांट पर केंद्र की नजर? अभिषेक मिश्रा ने जताया विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार की निजीकरण नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को निजी हाथों में सौंपे जाने की आशंकाओं पर चिंता व्यक्त की है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वर्ष 2014 से लगातार सरकारी संपत्तियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने IDBI बैंक के विनिवेश से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अभिषेक मिश्रा ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, देश के औद्योगिक विकास और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है। इस संयंत्र ने देश के विकास में अहम योगदान दिया है। ऐसे में इसके निजीकरण की किसी भी संभावना को लेकर कर्मचारियों और आम नागरिकों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट देश की सार्वजनिक संपत्ति है और इसे निजी हाथों में सौंपने के किसी भी प्रयास का आम आदमी पार्टी विरोध करेगी।

AAP नेता ने उद्योगपति गौतम अडानी के भिलाई आगमन और स्टील प्लांट के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम के बाद संयंत्र के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने जिस निजीकरण की आशंका व्यक्त की है, उसके संबंध में किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है। मिश्रा ने मांग की कि केंद्र सरकार भिलाई स्टील प्लांट की स्थिति और भविष्य को लेकर स्पष्टता प्रदान करे, ताकि कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच व्याप्त आशंकाओं का समाधान हो सके।

अभिषेक मिश्रा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि बैंकिंग, हवाई अड्डों, रेलवे और बंदरगाहों जैसे क्षेत्रों में निजी भागीदारी तथा सरकारी संपत्तियों के विनिवेश को लेकर सरकार की भूमिका पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नीतियों से चुनिंदा बड़े औद्योगिक समूहों को लाभ पहुंचने की आशंका है। AAP ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के सार्वजनिक उपक्रमों के भविष्य से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता, जनहित और कर्मचारियों के अधिकारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि भिलाई स्टील प्लांट और अन्य राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। पार्टी का कहना है कि संयंत्र के कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन किए बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।

अभिषेक मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि भिलाई स्टील प्लांट को बेचने या निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की गई, तो आम आदमी पार्टी कर्मचारियों और जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। यह बयान पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर है।