धमतरी में आदिवासी कांग्रेस का विभाग के नाम परिवर्तन पर विरोध, मनोज साक्षी बोले—“आदिम शब्द हमारी पहचान है, नाम बदलना अपमान है”
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के निर्णय का आदिवासी कांग्रेस जिला धमतरी ने विरोध किया है। जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 16 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विभाग का पुराना नाम बहाल करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘आदिम’ शब्द आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक अस्मिता और गौरव से जुड़ा है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मंत्रिपरिषद में ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किए जाने के निर्णय का आदिवासी कांग्रेस जिला धमतरी ने विरोध किया है। 16 अक्टूबर 2026 को जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय धमतरी पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विभाग का नाम पूर्ववत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ रखने की मांग की गई।
आदिवासी कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है और यहां आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक परंपराएं तथा सामाजिक अस्मिता का विशेष महत्व है। ‘आदिम जाति विकास विभाग’ नाम केवल एक प्रशासनिक पहचान नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, गौरव और मूल निवासी होने के भाव से जुड़ा हुआ है। संगठन का कहना है कि नाम परिवर्तन से समाज के एक वर्ग में असंतोष और नाराजगी है।
जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने कहा, “आदिम शब्द हमारी पहचान है, नाम बदलना अपमान है।” उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। शासन को समाज की भावनाओं को समझते हुए नाम परिवर्तन के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और विभाग का पुराना नाम बहाल करना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विभाग का नाम बदलने से पहले आदिवासी समाज, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए थी। संगठन के अनुसार, समाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय संबंधित समुदाय की भावनाओं और विचारों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। आदिवासी कांग्रेस ने मांग की कि शासन इस विषय पर समाज के प्रतिनिधियों से संवाद करे और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए विभाग का नाम पूर्ववत रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर अपनी मांगों से अवगत कराया। संगठन ने कहा कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता का संरक्षण जरूरी है। विभाग के नाम को लेकर उठाई गई आपत्ति इसी पहचान और सम्मान से जुड़ी हुई है।
इस दौरान पूर्व विधायक लेखराम साहू, शरद लोहाना, मोहन लालवानी, दीपक सोनकर, विजय देवांगन, राजू सोम, नेकू परते, लोकेश मरकाम, हर्ष मरकाम, विवेक कतलाम, रोशन वट्टी, दुर्गेश मण्डावी, लक्ष्मण मरकाम, भूषण नेताम और नरेश कतलाम सहित आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
फिलहाल आदिवासी कांग्रेस ने विभाग का पुराना नाम बहाल करने की मांग उठाई है। अब इस मामले में शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।