NIT रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, 7 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का हुआ शुभारंभ

रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में 17वें दीक्षांत समारोह के साथ सात सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और सांसद बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। सांसद ने बताया कि उनके आग्रह पर संस्थान में क्रिटिकल मिनरल्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी मिली है। उन्होंने शोध और नवाचार को आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बनाने पर जोर दिया।

Nov 3, 2026 - 19:47
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NIT रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, 7 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का हुआ शुभारंभ

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को 17वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान में नवस्थापित सात सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हुए। समारोह में तकनीकी शिक्षा, शोध, नवाचार और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सात सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान संस्थान में सात उत्कृष्टता केंद्रों की शुरुआत की गई। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिटिकल मिनरल्स और कंप्यूटेशनल मैकेनिज्म से जुड़े केंद्र भी शामिल हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आग्रह पर NIT रायपुर में क्रिटिकल मिनरल्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी मिली है।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में शोध और तकनीकी विकास से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही आयात पर निर्भरता कम करने और देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के अवसर भी बढ़ेंगे। उनके अनुसार NIT रायपुर में शुरू किए गए ये केंद्र देश के तकनीकी और शोध संबंधी विकास को नई दिशा दे सकते हैं।

दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दी बधाई

17वें दीक्षांत समारोह में बीटेक, बीआर्क, एमटेक, एमएससी, एमसीए और पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बधाई दी। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

समारोह के दौरान सांसद ने NIT रायपुर से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब यह संस्थान इंजीनियरिंग कॉलेज हुआ करता था, तब छात्र राजनीति और आंदोलनों के दौरान उन्होंने यहां के हॉस्टलों में महीनों समय बिताया था। उन्होंने संस्थान के पुराने दिनों, सीमित संसाधनों और सादगी भरे छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आज देश और दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं।

शोध का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर

अपने संबोधन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रिसर्च केवल शोध पत्रों और फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शोध की वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होनी चाहिए कि उससे धरातल पर कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से ऐसे नवाचार करने का आह्वान किया, जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इस दिशा में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक का उपयोग मानव कल्याण और विकास के लिए करने की अपील की।

शिक्षा और तकनीकी नवाचार को मिलेगी नई दिशा

कार्यक्रम में CSIR की महानिदेशक नल्लाथम्बी कलैसेल्वी, NIT रायपुर के निदेशक एन.वी. रमना राव, शासी निकाय के अध्यक्ष सुरेश हावरे, शिक्षकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। सात उत्कृष्टता केंद्रों की शुरुआत और दीक्षांत समारोह के आयोजन को संस्थान में तकनीकी शिक्षा एवं शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।