खैरागढ़ में पहली बार सजा जिला स्तरीय सरस मेला, 64 महिला स्व-सहायता समूहों के हुनर को मिला बाजार

खैरागढ़ के राजा फतेह सिंह खेल मैदान में जिला स्तरीय सरस मेला 2026 का शुभारंभ हुआ। जिले में पहली बार आयोजित इस मेले में दोनों विकासखंडों के करीब 64 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। मेले में अचार, पापड़, बड़ी, बांस हस्तशिल्प, अगरबत्ती, जैविक सब्जियां और अन्य स्थानीय उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए स्थानीय उत्पादों की खरीदारी को प्रोत्साहित किया।

Nov 1, 2026 - 18:18
Nov 1, 2026 - 18:19
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खैरागढ़ में पहली बार सजा जिला स्तरीय सरस मेला, 64 महिला स्व-सहायता समूहों के हुनर को मिला बाजार

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, मेहनत और उद्यमशीलता को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पहली बार जिला स्तरीय सरस मेला 2026 का आयोजन किया गया है। राजा फतेह सिंह खेल मैदान में आयोजित इस मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले में जिले के दोनों विकासखंडों के करीब 64 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और स्थानीय उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बनाने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

वहीं, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने सरस मेले को महिला आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाला प्रभावी मंच बताया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मेले में पहुंचकर स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी करें। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।

मेले में महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां पारंपरिक खाद्य सामग्री के रूप में अचार, पापड़ और बड़ी के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा दीपक, जैविक खाद, पान से बनी मिठाइयां, बांस से तैयार हस्तशिल्प, आकर्षक गुलदस्ते, अगरबत्ती, जैविक सब्जियां, दाल और बेसन सहित कई स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

उद्घाटन के दौरान अतिथियों ने अलग-अलग स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला समूहों से उनके उत्पादों की जानकारी ली। अतिथियों ने उत्पादों की खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन भी किया। इस दौरान जय मां दुर्गा समूह की सरोजनी टंडन और जय मां बमलेश्वरी समूह की हेमलता धुर्वे ने भी अपने समूहों के उत्पादों और कार्यों से जुड़ी जानकारी साझा की।

जिला स्तरीय सरस मेला महिला स्व-सहायता समूहों को अपनी मेहनत से तैयार उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर दे रहा है। जिले में पहली बार आयोजित इस मेले से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।