दंतेवाड़ा साइबर फ्रॉड मामले में राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार, 61 लाख 6 हजार 592 रुपये की ठगी में संलिप्तता

दंतेवाड़ा पुलिस ने 61 लाख 6 हजार 592 रुपये के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दिनेश बैंक खातों को किराये पर लेकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल था। मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

Sep 30, 2026 - 19:26
 0  35
दंतेवाड़ा साइबर फ्रॉड मामले में राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार, 61 लाख 6 हजार 592 रुपये की ठगी में संलिप्तता

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस ने 61 लाख 6 हजार 592 रुपये के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने में संलिप्त था। मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार, गीदम थाना क्षेत्र के हारमपारा निवासी भूपेंद्र तेलामी की रिपोर्ट पर 61 लाख 6 हजार 592 रुपये के ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के संबंध में अपराध दर्ज किया गया था। मामले में थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 111(1)(3) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस ने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से ऑनलाइन ठगी से जुड़े लेन-देन का विश्लेषण किया। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर फ्रॉड में संलिप्त आरोपियों की पहचान की गई और उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर टीम भेजी गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने राजस्थान के फलोदी जिले में आरोपी दिनेश, उम्र 31 वर्ष, निवासी ग्राम श्री कृष्ण नगर, चौकी लक्ष्मण नगर, थाना भोजासर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाया। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल दंतेवाड़ा भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस की विवेचना में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि आरोपी बैंक खातों को किराये पर लेकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, इसके बाद ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित करने का प्रयास किया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया के जरिए साइबर अपराध से जुड़े धन और उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने का प्रयास किया जाता था।

दंतेवाड़ा पुलिस के मुताबिक, इस साइबर फ्रॉड प्रकरण में अब तक कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी को जिला जेल दंतेवाड़ा भेजा गया है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार खूटे के मार्गदर्शन और साइबर सेल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह तथा एसडीओपी दंतेवाड़ा आकांक्षा सिंह ठाकुर के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। निरीक्षक शशांक पौराणिक के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में निरीक्षक अशोक शर्मा, उप निरीक्षक रूपेश नारंग और आरक्षक मिथिलेश पुजारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिकों से बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और अन्य वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।