बचेली के ट्रांसपोर्ट नगर में सीमेंट यार्ड पर विवाद, दो नोटिस के बाद अब तीसरी कार्रवाई की तैयारी
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में करीब 30 लाख रुपये के ठेके से जुड़े निर्माण कार्य के दौरान बनाए जा रहे सीमेंट यार्ड को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगरपालिका की ओर से 25 मई और 14 अक्टूबर को दो नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) ने तीसरा नोटिस जारी करने के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने की बात कही है। नगरपालिका उपाध्यक्ष ने भी कार्रवाई के संबंध में सीएमओ से चर्चा की जानकारी दी है। वहीं विपक्षी वार्ड पार्षद का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी पहले ही अधिकारियों को दे दी थी। अब नगरपालिका की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में सीमेंट यार्ड के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब 30 लाख रुपये के ठेके से जुड़े निर्माण कार्य के दौरान बनाए जा रहे सीमेंट यार्ड को लेकर नगरपालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में नगरपालिका की ओर से 25 मई को पहला और 14 अक्टूबर 2026 को दूसरा नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने को लेकर अब प्रशासन पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
तीसरे नोटिस के बाद एक सप्ताह में कार्रवाई का दावा
मामले को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) का कहना है कि तीसरा नोटिस जारी करने के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगरपालिका प्रशासन तय समय-सीमा के भीतर क्या कदम उठाता है। दो नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, निर्माण की वैधानिक स्थिति और कार्रवाई में देरी के कारणों को लेकर संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नगरपालिका उपाध्यक्ष ने भी कार्रवाई को लेकर की चर्चा
इस मामले में नगरपालिका उपाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने कार्रवाई को लेकर सीएमओ से बातचीत की है। उनके बयान के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। अब नगरपालिका प्रशासन के सामने चुनौती केवल नोटिस जारी करने की नहीं, बल्कि मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी है।
विपक्षी पार्षद ने पहले ही सूचना देने की कही बात
वहीं, विपक्षी वार्ड पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड में इस तरह की गतिविधि की जानकारी मिलते ही उन्होंने सीएमओ को इसकी सूचना दे दी थी। पार्षद के इस बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि नगरपालिका प्रशासन को पहले से जानकारी थी और दो नोटिस भी जारी किए जा चुके थे, तो अब तक आगे की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हालांकि, इस संबंध में सभी पक्षों के दस्तावेजों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
अब नगरपालिका की कार्रवाई पर टिकी नजरें
ट्रांसपोर्ट नगर के सीमेंट यार्ड से जुड़े इस मामले में अब तीसरे नोटिस और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई के दावे पर निगाहें टिकी हैं। यदि निर्धारित समय में कार्रवाई होती है, तो नगरपालिका प्रशासन अपने आश्वासन को जमीन पर उतार सकेगा। वहीं, तय समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो सकते हैं।
फिलहाल सीएमओ और नगरपालिका उपाध्यक्ष की ओर से कार्रवाई को लेकर भरोसा दिया गया है, जबकि विपक्षी पार्षद का कहना है कि उन्होंने समय रहते अधिकारियों को जानकारी दे दी थी। अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन मामले में नियमानुसार कार्रवाई करता है या यह विवाद नोटिस और आश्वासनों तक ही सीमित रह जाता है।