जानकारी के अनुसार, विजय शर्मा ने घायल रोमन सोरा से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी उपचार की स्थिति पर चर्चा की। परिजनों ने अस्पताल में मिल रही उपचार व्यवस्था को लेकर संतुष्टि व्यक्त की। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से घायल की स्वास्थ्य स्थिति और आगे की उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।
चिकित्सकों ने बताया कि रोमन सोरा के पैरों का ऑपरेशन किया जाना है। उनकी शारीरिक स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पर विजय शर्मा ने चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मरकाटोला घाट पर 25 सितंबर को हुए सड़क हादसे में कवर्धा के कई लोग प्रभावित हुए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एनएच-30 पर एक खराब होकर सड़क किनारे खड़े वाहन को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में छह लोगों की मौत हुई, जबकि सात लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद घायलों को बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों में भेजा गया था।
हादसे के बाद से ही विजय शर्मा द्वारा घायलों के उपचार को लेकर अधिकारियों से जानकारी लेने और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। 25 सितंबर को जारी रिपोर्टों में भी उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
उप मुख्यमंत्री के अनुसार, एक घायल को उच्च स्तरीय उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं घायलों के परिजनों के ठहरने के लिए सेवा सदन में निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी।
अस्पताल में निरीक्षण के दौरान सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुंदरानी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। विजय शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों से कहा कि हादसे में घायल सभी मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक उपचार और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसी बीच स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद चार घायलों अरमान कोसले, गणेश पात्रे, प्रदीप साहू और दीप चन्द्र को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अन्य घायलों के उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति पर चिकित्सकों द्वारा निगरानी रखी जा रही है।
मरकाटोला घाट हादसे के बाद घायलों के उपचार को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं हो और मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।