राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से माफी मांगनी चाहिए: विजय बघेल
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने SIR को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बघेल ने SIR को चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि, स्थानांतरण और अपात्र नामों की जांच के लिए ऐसी प्रक्रिया जरूरी है। 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR को लेकर चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा था, हालांकि अदालत ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े निर्देश भी दिए थे।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग सांसद विजय बघेल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बघेल ने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
विजय बघेल ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है और मतदाता सूची को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के उद्देश्य से चुनाव प्रक्रिया में पुनरीक्षण किया जाता रहा है। उनके अनुसार, लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, जिसके कारण एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी स्थिति सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच और ऐसे मामलों को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग SIR की प्रक्रिया अपनाता है।
बघेल ने SIR को भाजपा की प्रक्रिया बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था है और इसे राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष द्वारा SIR को लेकर न्यायपालिका में जाने का भी उल्लेख किया।
27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने Association for Democratic Reforms बनाम Election Commission of India मामले में बिहार में SIR कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को बरकरार रखा था। अदालत ने कहा था कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए SIR करने का अधिकार है। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटाया जाना अपने आप में किसी व्यक्ति के भारतीय नागरिक न होने की कानूनी घोषणा नहीं है और नागरिकता के आधार पर हटाए गए मामलों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष भेजने का निर्देश दिया था।
विजय बघेल ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर हार या राजनीतिक असहमति के बाद EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस और विपक्ष पर SIR को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप विजय बघेल के राजनीतिक बयान के रूप में ही प्रस्तुत किए गए हैं।
बघेल ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के सड़क पर उतरने या विरोध करने से प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों में बदलाव नहीं होगा। उन्होंने SIR को मतदाता सूची की जांच और सुधार से जुड़ी प्रक्रिया बताते हुए विपक्ष से चुनाव आयोग की व्यवस्था पर विश्वास रखने की बात कही।
पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक ललित चंद्राकर और भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भाजपा का पक्ष सामने रखा गया।