कुशल और सक्षम युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

दुर्ग के बीआईटी कॉलेज में आईसीएमएआई के 11 दिवसीय एडवांस स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन हुआ। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किए और युवाओं से कौशल, ज्ञान, अनुशासन तथा निरंतर सीखने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।

Sep 23, 2026 - 08:50
 0  2
कुशल और सक्षम युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग। इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) द्वारा बीआईटी कॉलेज दुर्ग में आयोजित 11 दिवसीय एडवांस स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुभव, सीख और भविष्य की योजनाओं के संबंध में चर्चा की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल, ज्ञान और व्यावसायिक क्षमता को निखारने की दिशा में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान समय में कार्यक्षेत्र तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकों के साथ रोजगार एवं करियर की नई संभावनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में युवाओं के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल और प्रोफेशनल दक्षताओं को लगातार विकसित करना जरूरी है।

गजेन्द्र यादव ने कहा कि एडवांस स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसे प्रशिक्षण युवाओं को अपने ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग करने, कार्यक्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने करियर से जुड़ी संभावनाओं को लेकर अधिक सजग एवं सक्षम बनते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करने में देश की युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। युवाओं को अपने क्षेत्र में लगातार नई जानकारी प्राप्त करते हुए समय के साथ खुद को अपडेट रखना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए ज्ञान के साथ अनुशासन, मेहनत, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने व्यावसायिक जीवन में करने तथा अपनी सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी युवाओं के कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा और कौशल विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रशिक्षण आधारित कार्यक्रम युवाओं को रोजगार और व्यावसायिक क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

समापन समारोह में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने 11 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने आईसीएमएआई और बीआईटी दुर्ग द्वारा युवाओं के कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में आईसीएमएआई के चेयरमैन महेंद्र भोसले, सीएमए मनीषा अग्रवाल, डॉ. दलजीत सिंह वाधवा, सीएमए हर्षद देशपांडेय, सीएमए अरिंदम गोस्वामी, बीआईटी कॉलेज के प्राचार्य अनूप मिश्रा, शिक्षाविद आशुतोष चावरे, दुर्ग जेडी केव्ही राव और जिला भाजपा उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।