राम वन गमन पथ के धार्मिक स्थलों पर संकट का आरोप, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि कोल ब्लॉक और खनन गतिविधियों के कारण रामगढ़ की पहाड़ियों, जानकी रसोई, सीता गुफा और सुकमा के रामाराम जैसे स्थलों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए धार्मिक विरासत, पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण की मांग उठाई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसकी नीतियों के कारण राज्य की धार्मिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण पर संकट बढ़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि कमर्शियल माइनिंग के लिए नए कोल ब्लॉक दिए जाने से रामगढ़ की ऐतिहासिक पहाड़ियों, जानकी रसोई और सीता गुफा जैसे स्थलों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। पार्टी ने सुकमा स्थित रामाराम सहित अन्य धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी चिंता जताई है।
राम वन गमन पथ को लेकर सरकार पर सवाल
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राम वन गमन पथ के विकास और उससे जुड़े स्थलों को संवारने के प्रयास किए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों से इन स्थलों के संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक गतिविधियों और खनन को प्राथमिकता दिए जाने से छत्तीसगढ़ की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है और राम वन गमन पथ राज्य की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मार्ग से संबंधित स्थलों का संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने से भी जुड़ा है।
खनन गतिविधियों और कोल ब्लॉक आवंटन पर आपत्ति
सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि हसदेव, तमनार, रायगढ़, धरमजयगढ़ और बस्तर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में खनन तथा औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से जंगलों, पहाड़ियों और पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की पहाड़ियों, जानकी रसोई और सीता गुफा जैसे ऐतिहासिक स्थलों के आसपास होने वाली गतिविधियों को लेकर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंच रहा है, जबकि धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। कांग्रेस ने विशेष रूप से कोल ब्लॉक और कमर्शियल माइनिंग से जुड़े निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित सरकारी विभागों या कंपनियों का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।
आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी धार्मिक परंपराओं, प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है। राम वन गमन पथ से संबंधित स्थल श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे स्थलों पर खनन या औद्योगिक गतिविधियों के संभावित प्रभावों का आकलन कर संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
सत्यप्रकाश सिंह ने भाजपा सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य की आस्था, संस्कृति और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
धार्मिक धरोहरों के संरक्षण पर बढ़ी राजनीतिक बहस
राम वन गमन पथ को लेकर कांग्रेस के इन आरोपों ने छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन, खनन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है। कांग्रेस ने सरकार से रामगढ़ की पहाड़ियों, जानकी रसोई, सीता गुफा और रामाराम जैसे स्थलों के संरक्षण पर ध्यान देने की मांग की है।
यह पूरा मामला फिलहाल कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन स्थलों पर खनन गतिविधियों के वास्तविक प्रभाव और संरक्षण संबंधी स्थिति का स्पष्ट आकलन करने के लिए संबंधित विभागों की जानकारी और आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।